= थकनौला व पत्थरखानी के ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर रहे आवाजाही
= पचास परिवारों के आगे आवाजाही में होता है बड़ा संकट
= रात्रि के वक्त दोगुना बढ़ रहा खतरा

(((हरीश चंद्र/सुनील मेहरा/फिरोज अहमद की रिपोर्ट)))

बेतालघाट ब्लाक के सूदूर धारी गांव में थकनौला व पत्थरखानी तोक के ग्रामीण बदहाल रास्तों से आवाजाही करने को मजबूर हैं। कभी भी बड़ा हादसा सामने आ सकता है। ग्रामीणों ने मनरेगा योजना से पैदल रास्ते को दुरुस्त करने की मांग की है।
लोहाली – थुआब्लाक मोटर मार्ग से खनगाढ़ बैंड के समीप से थकनौला व पत्थरखानी तोक को जाने वाला रास्ता खस्ताहालत में है। करीब पचास से ज्यादा परिवार निवास करते हैं। आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात्रि के वक्त खतरा दोगुना बढ़ जा रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डाल पैदल आवाजाही को मजबूर है। बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार आवाज उठाई जा चुकी है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। स्थानीय गणेश चंद्र, शंकर लाल, भोपाल राम, देव लाल, प्रताप राम, राजेंद्र प्रसाद, जगदीश आदि ने खनगाढ़ बैंड से करीब पांच सौ मीटर पैदल रास्ते को मनरेगा योजना से दुरुस्त किए जाने की मांग की है। ताकि आवाजाही में दिक्कतों का सामना ना करना पड़े वह खतरा भी टल जाए।

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