🔳 पांच वर्ष पूर्व की आपदा को याद कर सिहर उठे लोग
🔳 घरों की छत से नदी के बहाव की निगरानी को हुए मजबूर
🔳 रात दिन बारिश की रफ्तार ने बढ़ा दी चिंता
🔳 दहशत में आए नदी तट से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोग
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
पिछले दो दिनों से लगातार बारिश से कोसी व शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी तट के समीप रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।करीब पांच वर्ष पूर्व दोनों नदियों से हुए नुकसान को याद कर लोग सिहर उठे। कई लोग मकानों की छतों पर चढ़कर नदी के बहाव की निगरानी में जुटे रहे। उफान में आई नदियों के आबादी क्षेत्र के नजदीक तक पहुंचने से क्षेत्रवासियों में दहशत फ़ैल गई।
गरमपानी खैरना क्षेत्र में बहने वाली शिप्रा व अल्मोड़ा क्षेत्र से बहने वाली कोसी नदी का बहाव पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से एकाएक बढ़ जाने से स्थानीय लोग सख्ते में आ गए। बारिश से दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्रवासियों में दहशत फ़ैल गई। शांत रहने वाली दोनों नदियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। नदी तट के समीप रहने वाले लोगों के माथे पर भी चिंता की लकीरें गहरा गई। पांच वर्ष पूर्व शिप्रा नदी के उफान ने चार आवासीय भवनों को जमींदोज कर दिया जबकि दर्जनों भवनों को भारी नुकसान पहुंचाया था। नदी के लगातार बढ़ते बहाव से पुनरावृत्ति की डर से लोग मकानों की छत में चढ़कर बहाव की निगरानी करते रहे। बारिश के बीच भी लोग छतों में चढ़कर नदी के बहाव की ओर टकटकी लगाए रहे। नदी के तेज आवाज के साथ उफान में आने से क्षेत्रवासियों में चिंता बढ़ा दी। शिप्रा व कोसी नदी के उफान में आने से प्रशासन की टीम ने गरमपानी खैरना क्षेत्र में मुनादी कर नदियों की ओर न जाने तथा खतरा बढ़ने पर राहत शिविरों में पहुंचने की अपील की।
