◾ग्राम पंचायतों की उपेक्षा किए जाने का लगाया आरोप
◾ अहम प्रमाण पत्र की प्रक्रिया प्रभावित होने पर जताई नाराजगी
◾ जल्द प्रक्रिया शुरु न किए जाने पर किया आंदोलन का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

गांवों में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कार्य प्रभावित होने से पंचायत प्रतिनिधियों व व्यापारियों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे विभागीय लापरवाही करार दिया है। आरोप लगाया की दो महीने से भी अधिक समय से प्रमाण पत्र न बनने से गांव के बाशिदों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में बीते जून से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। पोर्टल बंद होने से विकट समस्या खड़ी हो चुकी है। गांव के बाशिंदे प्रमाण पत्र के लिए बार बार चक्कर लगाकर निराश हो चुके हैं। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए तक गांवो के लोगों को परेशानी का सामना करने को मजबूर हो चुके है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी ने आरोप लगाया है कि प्रमाण पत्रों का निस्तारण समय से नहीं किया जा रहा है। पूर्व का पोर्टल बंद होने के बाद अब सिविल रजिस्ट्रेशन सर्विस पोर्टल (सीआरएस) से प्रमाण पत्र तैयार किए जाने का हवाला दिया जा रहा है पर विभागीय अधिकारी आइडी उपलब्ध होने का दावा तो जरुर कर रहे हैं पर पोर्टल संचालित न कर पाने की बात कह पल्ला झाड़ ले रहे हैं जिसका खामियाजा गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नियमानुसार 21 दिन बाद दोबारा आवेदन करने पर स्टांप , शपथ पत्र आदि की दिक्कतों का सामने आना लाजमी है। व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेंद्र सिंह बिष्ट, विक्रम सिंह, कुलदीप सिंह, मनीष तिवारी ने गांवों की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है। दो टूक चेतावनी दी की यदि जल्द जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया गतिमान नहीं की गई तो फिर पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों को साथ लेकर ब्लॉक मुख्यालय में ही धरना शुरु कर दिया जाएगा।

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