◾ग्रामीणों ने उठाई जिम्मदारो के खिलाफ कार्रवाई की मांग
◾बारगल स्थित पेयजल टैंक से गिरे पानी ने तबाह किया लेघुना का जंगल
◾अवर अभियंता बोले – टैंक के ओवर फ्लो होने से बहा पानी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

शिप्रा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बनी बारगल कफूल्टा पंपिंग पेयजल योजना से गांवों के बाशिंदों को लाभ तो नहीं मिल पा रहा इसके उलट विभागीय हिलाहवाली से पानी का टैंक ओवरफ्लो होने से संरक्षित प्रजाति के लगभग बीस से ज्यादा हरे भरे बांज के पेड़ धराशाई हो गए। गनीमत रही की पानी का रुख आबादी क्षेत्र को नहीं हुआ और बडा़ हादसा टल गया। ग्रामीणों ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
बारगल कफूल्टा पंपिंग योजना से लाभान्वित होने को तमाम गांवों के वासिंदे आज भी तरस रहे है पर करोड़ों रुपये की लागत से बनी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा। वहीं अब बारगल गांव में स्थित मंदिर के समीप बने टैंक से तेज बहाव के साथ निकले पानी ने गांव के समीप स्थित लेघुना के जंगल को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। स्थानीय गोधन सिंह बर्गली के अनुसार करीब तीन घंटे तक तेज वेग से बहे पानी ने जंगल में बीस से ज्यादा बांज के पेड़ धराशाई कर डाले। गनीमत रही की बहाव का रुख आबादी को ओर नहीं हुआ और बड़ी घटना टल गई। ग्रामीणों ने लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की लगातार देख देख कर जंगल को बचाया जा रहा है और अब विभागीय लापरवाही से जंगल को भारी नुकसान पहुंचा है। मामले के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है की यदि कार्रवाई नहीं की गई तो फिर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। इधर जल निगम के अवर अभियंता नरेंद्र कुमार के अनुसार टैंक के ओवर फ्लो होने से बहाव जंगल की ओर होने की सूचना मिली है। जल्द निरीक्षण भी किया जाएगा।

error: Content is protected !!