◾मां कुलदेवी की अराधना को जुटे साह – चौधरी समाज के लोग
◾मां के जयकारों व भजन कीर्तनो से माहौल हुआ भक्तिमय
◾शीतलापुष्कर मैदान में लगा विशाल भंडारा
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

द्वाराहाट मुख्य चौराहा के निकट स्थित कुलदेवी मंदिर के स्थापना दिवस के मौके पर पौराणिक द्वारिका वैदिक मंत्रोचारों से गूंज उठी। रविवार को ज्येष्ठ मास की शुक्ल अष्टमी के मौके पर चौधरी तथा साह समाज के लोग देश के विभिन्न क्षेत्रों से द्वाराहाट पहुंच सदियों पूर्व हिमाचल प्रदेश से यहां स्थापित देवी की पूजा तथा अन्य अनुष्ठानों के भागीदार बने। देर सायं तक महिलाओं के भजन कीर्तनों से माहौल धार्मिक बना रहा।
नगर के मध्य स्थापित कुलदेवी को स्नान करवाने के बाद मंदिर में रविवार की प्रात: से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। हवन यज्ञ तथा पूजा के दौरान आचार्यों के मंत्रोचारों से समूचा नगर क्षेत्र दिनभर गुंजायमान रहा। मान्यता है कि सदियों पूर्व हिमाचल प्रदेश के कोट कांगड़ा से चौधरी समाज के लोगों ने अपनी कुलदेवी को चारधाम यात्रा करवाने के दौरान द्वाराहाट चौराहा पर रात्रि पड़ाव डाला। तब चारधाम यात्रा द्वाराहाट होकर ही पुण्यकारी मानी जाती थी। आगे की यात्रा के मकसद से अगले दिन यानि ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी की प्रात: देवी का डोला लाख कोशिश के बाद भी नहीं उठा तो लोगों ने यहीं पर देवी की पूजा की। देवी ने दर्शन देकर इसी पवित्र स्थान पर अपना अगला धाम बताया। तब से ही देवी यहां स्थापित है और उसी समय से यहां चौधरी समाज की बसाहत मानी गई है। इसी परंपरा के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों से चौधरी तथा साह समाज इस दिन द्वाराहाट पहुंच देवी की पूजा विधि विधानों के साथ करता आ रहा है। रविवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में ललित चौधरी तथा बबीता चौधरी मुख्य यजमान रहे। जबकि तारा चंद्र मठपाल, कैलाश जोशी तथा उमेश तिवारी पंडित की भूमिका में रहे। नगर क्षेत्र के अन्य देवी मंदिरों की भी नगाड़े निषाणों के साथ पूजा के बाद शीतलापुष्कर मैदान में भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान समिति अध्यक्ष गिरीश चौधरी, डा. मदन चौधरी, अनिल चौधरी, गिरीश चौधरी (रवाड़ी), संजय चौधरी, भुवन चौधरी, हेमंत साह, मनीष साह, संजय चौधरी, तारा चंद्र चौधरी, दिनेश चौधरी, महेश चौधरी आदि व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।

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