◾ 3 हैलीपेड होंगे चिह्नित, उपकरणों की जांच भी शुरु
◾ तहसील मुख्यालय में स्थापित होगा मुख्य कंट्रोल रुम
◾ मानसून सत्र की विशेष तैयारियों में जुटा प्रशासन

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील कोसी घाटी क्षेत्र में तहसील प्रशासन मानसून सत्र की तैयारियां में जुट गया है। 12 राहत शिविर चिह्नित करने के साथ ही 7 बाढ़ चौकियां स्थापित करने को कवायद तेज कर दी गई है। 3 हैलीपेड भी चिह्नित किए गए हैं। उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा के अनुसार कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत व बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जांच भी शुरु कर दी गई है।

मानसून के करीब आने के साथ ही प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले कोसी घाटी क्षेत्र में आपदा से निपटने व राहत व बचाव कार्यों के लिए कवायद तेज हो गई है। बारगल, छड़ा, पाडली, धनियाकोट, सुयालबाडी़, कोश्या कुटोली तहसील तथा मोना क्षेत्र में बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएगी। जोखिम बढ़ने पर प्रभावितो के लिए 12 राहत शिविर बनेंगे। बेतालघाट, मझेडा़ व भुजान में तीन हैलीपेड चिह्नित किए गए हैं। आपदा व राहत कार्यों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जांच के साथ ही एसडीआरएफ छड़ा इकाई, राजस्व उपनिरीक्षको तथा पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा के अनुसार मानसून के मद्देनजर सभी विशेष तैयारियां शुरु कर दी गई है। तहसीलदार मुख्यालय में मुख्य कंट्रोल रुम स्थापित किया जाएगा। एसडीएम ने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। साफ कहा की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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