◾ मजबूत बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य किए जाने की उठी मांग
◾ गुणवत्ताविहीन कार्य पर आंदोलन की चेतावनी
◾ गरमपानी खैरना क्षेत्र को बाढ़ से बचाने को शिप्रा नदी क्षेत्र में किए जाने है कार्य
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गरमपानी – खैरना क्षेत्र को शिप्रा नदी के उफान से बचाने को करोड़ों रुपये की लागत से किए जा रहे कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें जाने की मांग उठी है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने गुणवत्ताविहीन कार्य होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
गरमपानी खैरना बाजार के ठीक पीछे बहने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी ने दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। कई मकानों को क्षतिग्रस्त किया साथ ही कई मकान जमींदोज कर दिए। सरकार ने छह करोड रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य स्वीकृत किए। अब कार्य शुरू हो चुके हैं। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी नेताओं ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की मांग की है कहा है कि पूर्व में भी कई कई बार नदी में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य किए गए पर गुणवत्ता विहीन कार्यों के चलते एक ही झटके में बाढ़ से कार्य ध्वस्त हो गए। मुनाफे के फेर में महज बजट ठिकाने लगाने का कार्य किया गया। मिट्टी मिश्रित रेत के इस्तेमाल से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य नहीं टिक पाए। व्यापारी नेताओं ने मानक अनुसार नदी तल से 1मीटर 30 सेंटीमीटर गहराई से ब्लाक तथा 75 सेंटीमीटर गहराई से दीवार निर्माण करने के साथ ही गुणवत्तायुक्त निर्माण सामग्री इस्तेमाल किए जाने की मांग उठाई है। संगठन के नगर अध्यक्ष मनीष तिवारी, मनोज नैनवाल, कमल तिवारी, भास्कर त्रिपाठी, देवेश त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह बिष्ट, फिरोज अहमद आदि लोगों ने गुणवत्ताविहीन कार्य किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता गणेश पांडे ने गुणवत्तायुक्त कार्य करवाए जाने का दावा किया है।
