◾प्राकृतिक जल स्रोत पर मृत हालत में पड़ें गोवंशीय पशुओं को हटाया
◾ जल स्रोत की सफाई को भी चलाया विशेष अभियान
◾जिम्मेदार अधिकारियों के आगे लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई तो खुद बढाए कदम
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
प्राकृतिक जल स्रोत के समीप गौवंशीय पशुओं के मृत पड़े होने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बिमारी फैलने के अंदेशा जता अधिकारियों के आगे गुहार लगाए जाने के बावजूद जब कोई सुनवाई ना हो सकी तो गांव की मातृशक्ति ने खुद ही कदम बढ़ा लिए। स्रोत के समीप पड़े पशुओं को हटाकर गड्ढे में दबा उसका निस्तारण किया। जल स्रोत की भी साफ-सफाई की। मातृशक्ति ने दूषित पानी की आपूर्ति से बीमार पड़ने वाले कई लोगों को बचा लिया।
रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर स्थित बमस्यूं क्षेत्र में दनगाढ़ प्राकृतिक पेयजल स्रोत से पानी की आपूर्ति होती है। लगभग तीस परिवारो इसी स्रोत से पानी पीते हैं। बीते कुछ दिनों से गांव के मुख्य पेयजल स्रोत के समीप दो गौवंशीय पशुओं के मृत हालत में पड़े होने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। लोगों ने राजस्व विभाग समेत अन्य विभागीय अधिकारियों को सूचना दी पर कोई कार्यवाही ना हो सकी। ऐसे में गांव में बीमारी फैलने के खतरे को भाप मातृशक्ति ने कदम आगे बढ़ाएं। गुरुवार को गांव की महिलाएं व कुछ पुरुष प्राकृतिक स्रोत तक पहुंचे। मृत हालत में बुरी स्थिति में पहुंच चुके गोवंशीय पशुओं को हटाने की कवायद शुरू की गई। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बामुश्किल दोनों पशुओं को हटाया जा सका। प्राकृतिक जल स्रोत व आसपास भी अच्छे से साफ सफाई की गई। मातृशक्ति ने गांव पर मंडरा रहे बीमारी से खतरे को टाल दिया। इस दौरान हंसी जीना, मुन्नी मेहरा, माया मेहरा, तुलसी बिष्ट, डोली देवी, दुर्गा देवी, मीना देवी, हेमा देवी, हंसी मेहरा, जानकी देवी, श्याम सिंह मेहरा, योगश पांडे, नितिन मेहरा, भूपेंद्र सिंह, गौरव बिष्ट, सोनू सती आदि मौजूद रहे।
