🔳 उच्चीकरण को 11वर्ष बीतने के बाद सुविधाएं शून्य
🔳 इंटरमीडिएट कक्ष व प्रयोगशाला भवन तक की कमी
🔳 सुविधाओं की कमी का खामियाजा भुगत रहे नौनिहाल
🔳 अभिभावक अफसरों व नेताओं से कई बार लगा चुके गुहार बावजूद नहीं हो रही सुनवाई
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के गरजोली गांव में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज कागजों में उच्चीकृत होने के 11 वर्ष बाद भी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। लंबा समय बीतने के बावजूद आज तक इंटरमीडिएट व प्रयोगशाला भवन अस्तित्व में नहीं आ सका है। दो सौ से अधिक छात्र संख्या होने के बावजूद विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहाल सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। अभिभावकों के लगातार आवाज उठाए जाने के बाद भी तंत्र की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही।
गरजोली गांव में स्थित जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2015-16 में इंटरमीडिएट के रुप में उच्चीकृत किया गया। विद्यालय के उच्चीकृत होने की घोषणा से गांवों के नौनिहालों के इंटरमीडिएट तक की शिक्षा व अन्य सुविधाएं गांव के स्कूल में उपलब्ध होने से ग्रामीण उत्साहित हुए पर धीरे धीरे अभिभावकों व ग्रामीणों का उत्साह निराशा में बदल गया। विद्यालय उच्चीकृत तो हुआ पर 11 वर्ष का लंबा समय बीतने के बावजूद आज तक विद्यालय सुविधाओं को तरस रहा है। ग्रामीणों व अभिभावकों के अफसरों व नेताओं को कई बार पत्राचार किए जाने के बावजूद आज तक न तो इंटरमीडिएट कक्ष ही अस्तित्व में आ सका और न ही प्रयोगशाला भवन का निर्माण हो सका है। शिक्षक अभिभावक संघ के पूर्व अध्यक्ष किशोर कुमार के अनुसार कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद सुध नहीं ली जा सकी है जबकि इंटरमीडिएट के अनुसार विद्यालय में समुचित व्यवस्थाओं का अभाव बना हुआ है। कई कक्षा कक्षों की हालत दयनीय है। प्रधानाचार्य समेत कई विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त पड़ा हुआ हो। पूर्व ग्राम प्रधान भास्कर गजरोला, शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष गंगा सिंह, त्रिभुवन फुलारा, गोधन सिंह, मोहन कत्यूरा, भीम चंद्र, प्रमोद कुमार, उमेश चंद्र, हरीश लाल आदि ने विद्यालय में इंटरमीडिएट की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग दोहराई है ताकी नौनिहालों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष मिश्रा के अनुसार कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला समेत अन्य सुविधाओं के लिए समय समय पर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है।
