= किसानों ने लगाया उपेक्षा का आरोप
= सिंचाई का पानी ना मिलने से खेत होते जा रहे बंजर
= शासन प्रशासश से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
कोसी नदी से बनी सिंचाई पंपिंग योजना का पानी अनुसूचित जाति के काश्तकारों के खेतों तक ना दिए जाने से अनुसूचित जाति के किसानों का पारा चढ़ गया है किसानों ने इसे अपेक्षा करार दिया है आरोप लगाया है कि पानी योजना बनने के बाद की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है जिससे खेत बंजर हो चुके हैं ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मामले को गंभीरता से लिए जाने की मांग उठाई है।
बेतालघाट ब्लॉक के तल धनियकोट तथा गैरखाल तोक के काश्तकारों के के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने को वर्षों पूर्व कोसी नदी से पंपिंग योजना का निर्माण किया गया ताकि किसानों की उपज की पैदावार बेहतर हो सके पर गैरखाल तोक में रहने वाले अनुसूचित बस्ती के किसानों का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से उसके खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पाननी धनियाकोट क्षेत्र में ही रोक दिया जा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं हर वर्ष धनियाकोट क्षेत्र में उपज की बेहतर पैदावार होती है जबकि गैरखाल क्षेत्र के अनुसूचित जाति बस्ती के किसानों की पैदावार चौपट हो चुकी है। कई बार सिंचाई विभाग तथा गांव के लोगों से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की गुहार लगाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही हमेशा पक्षपात किया जा रहा है। बीस से ज्यादा किसान सिंचाई का पानी ना मिलने से परेशान है। स्थानीय हीरा राम, कुंवर राम, डूंगर राम, पूरन राम, रमेश चंद्र, किशन राम, चंद्रपाल, गिरीश चंद्र आदि ने खेतों तक पंपिंग योजना से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। इधर ग्राम प्रधान पुष्कर जलाल के अनुसार गांव में रोस्टर बनाकर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है सभी किसानों को पानी दिया जा रहा है।
