◾एक करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल योजना तोड़ गई दम
◾ गलत स्रोत से पेयजल आपूर्ति करने का आरोप
◾जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

बेतालघाट ब्लॉक के बसगांव तथा नेगूडा़ गांव के 85 परिवारों को पेयजल आपूर्ति के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की ओर लागत से बनी पेयजल योजना कार्य पूरा होने के बीस दिन बाद ही जवाब दे गई है। योजना से पेयजल आपूर्ति ठप होने से गांव में बूंद बूंद पानी को हाहाकार मचा हुआ है।
बसगांव तथा नेगूडा़ गांव के बासिदों को पानी उपलब्ध कराने को सरकार ने एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृति की। कार्य भी शुरु कर दिया गया। लोगों को उम्मीद थी की अब गांवों में पानी का सूखा खत्म हो जाएगा। अभी योजना का कार्य समाप्त हुए बीस दिन का समय भी नहीं बीता था की योजना से गांवों को पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। गांव को पेयजल आपूर्ति की उम्मीद एक झटके में ही टूट गई है। गांव के 85 से अधिक परिवार गांव में पानी न आने से परेशान है‌। मजबूरी में दूर दराज से पानी ढोना पड़ रहा है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य इंदर सिंह बोहरा ने आरोप लगाया कि योजना निर्माण के वक्त सकदीना पेयजल स्रोत से पानी की आपूर्ति को सर्वे किया गया था पर अंतिम समय में योजना को दूसरे स्रोत से जोड़ आपूर्ति कर दी गई जिस कारण अब मलबा व मिट्टी आने से गांव की जलापूर्ति ठप हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह से गांव के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। मजबूरी में बारिश का पानी भी इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय विक्रम सिंह, अनिल नेगी, मोहन सिंह, बचे सिंह, लाल सिंह, जीवन सिंह आदि ने सकदीना पेयजल स्रोत से ही योजना की आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग उठाई है। चेताया कि यदि हिलावाली की गई तो फिर ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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