🔳 बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य भी वर्तमान में गतिमान
🔳 कार्यदाई संस्था से पर्यटन विभाग को हेडओवर तक नहीं हो सकी है बिल्डिंग
🔳 गुपचुप ढंग से संचालन सौंपे जाने पर लोगों ने जताई नाराजगी
🔳 टेंडर प्रक्रिया अपनाकर सभी को मौका दिए जाने पर दिया जोर
🔳 निर्माणाधीन बिल्डिंग में श्रद्धालुओं की आवाजाही से अनहोनी का भी अंदेशा
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
कैंची धाम क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित मल्टीस्टोरी पार्किंग के एक तल में बगैर टेंडर तथा बिल्डिंग हैंडओवर हुए बिना पार्किंग संचालन शुरु होने पर प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है हालांकि जिला पर्यटन अधिकारी ने मेले व पर्यटकों के बढ़ते दबाव को देख तात्कालिक रुप से पार्किंग संचालन निजी हाथों में देने की बात कही है। पार्किंग का निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद संचालन शुरु होने पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। निर्माणाधीन पार्किंग में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कभी भी बड़ी घटना के सामने आने का अंदेशा भी जताया है।
राज्य सरकार ने कैंची धाम स्थित नींब करौरी आश्रम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को बहुमंजिला पार्किंग व ओम पुल के लिए लगभग चालीस करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट को स्वीकृति दी है। युद्धस्तर पर किए जा रहे कार्य के तहत पार्किंग व ओम पुल का निर्माण कार्य गतिमान है। इसी बीच शुक्रवार को निर्माणाधीन पार्किंग के एक तल में पार्किंग संचालन शुरु कर दिया गया जबकि अब तक बिल्डिंग पर्यटन विभाग को हेडओवर तक नहीं की गई है साथ ही बगैर टैंडर प्रक्रिया अपनाएं संचालन शुरु होने से तमाम गंभीर सवाल भी खड़े हो गए। गरमपानी, खैरना समेत तमाम अन्य क्षेत्रों के लोगों ने बगैर टेंडर प्रक्रिया के पार्किंग संचालित किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। साफ कहा कि टेंडर प्रक्रिया अपनाकर सभी को मौका दिया जाना चाहिए। गुपचुप ढंग से पार्किंग संचालित करवाए जाने को ग़लत ठहराया। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने पार्किंग निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया के बाद संचालन शुरु किए जाने पर जोर दिया है। कहा कि निर्माणधीन बिल्डिंग में श्रद्धालुओं की आवाजाही से कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी के पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। कैंची मेला व पर्यटकों के बढ़ते दबाव के दृष्टिगत तात्कालिक रुप से पार्किंग संचालित किए जाने को दी गई है।
