🔳 शिक्षा विभाग के अपर निदेशक ने जारी किए आदेश
🔳 शिक्षकों व कर्मचारियों की संबद्धता की गई समाप्त
🔳 दूसरे कार्यों में संबद्ध रहने वाले शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की मनमानी होगी खत्म
🔳 शिक्षकों की संबद्धता का खामियाजा भुगत रहे हैं नौनिहाल
🔳 मुख्य शिक्षा अधिकारी बोले – आदेशों का उल्लघंन करने वालों की रोकी जाएगी तनख्वाह
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
मूल तैनाती स्थल पर सेवा न देकर खुद को दूसरे कार्यों में संबद्ध कराने वाले शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को अब अपने मूल तैनाती स्थल में लौटकर विद्यार्थियों व विद्यालय हित में सेवाएं देनी होगी। महानिदेशालय से संबद्धता समाप्त करने तथा वेतन कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही आहरित किए जाने के आदेश जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल के अनुसार संबद्धता समाप्त कर दी गई है। आदेशों का पालन न करने वालों का वेतन रोका जाएगा।
अपर निदेशक, महानिदेशालय केएस रावत के प्रदेश के समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज मूल तैनाती स्थल को छोड़ दूसरी जगह सेवाएं दे रहे शिक्षकों व कर्मचारियों की संबद्धता तत्काल समाप्त करने के साथ ही वेतन कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही आहरित किए जाने के आदेश जारी किए हैं। अपर निदेशक के आदेश से सूदूर गांवों में स्थित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के वापस लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। शिक्षकों के अपने को दूसरे कार्यों में संबद्ध करा लेने से कई विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे जिस कारण विद्यार्थियों का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा था। संबद्वीकरण से शिक्षक वेतन तो मूल तैनाती से ही ले रहे थे पर सेवाएं अन्य कार्यों में देते रहे। ऐसे में मूल विद्यालय में दूसरे शिक्षक की भी तैनाती नहीं हो पा रही थी। अब अपर निदेशक के आदेश जारी होने के बाद निश्चित ही संबद्वीकरण व्यवस्था के नाम पर मूल तैनाती स्थल वाले विद्यालय से दूरी बनाने वाले शिक्षकों को मूल तैनाती स्थल पर लौटना पड़ेगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जयसवाल ने बताया की शिक्षकों व कर्मचारियों के संबद्वीकरण तत्काल निरस्त कर दिए गए हैं। बावजूद यदि आदेशों का उल्लघंन कर मूल तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
