🔳 वट सावित्री पर कोसी घाटी में हुई विशेष पूजा अर्चना
🔳 काकड़ीघाट स्थित नींब करौरी आश्रम में भजन कीर्तनों की रही धूम
🔳 परिवार की सुख, शांति व समृद्धि को भी हुई विशेष प्रार्थना
🔳 कालिका मंदिर में हुआ प्रसाद वितरण
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
पति की दिर्घायु को सुहागिनों ने वट सावित्री पर्व पर विशेष पूजा अर्चना की। बाबा नींब करौरी आश्रम काकड़ीघाट व खैरना स्थित सोमवारी आश्रम में दूर दराज से महिलाएं पूजा अर्चना को पहुंची। पूजा पाठ के बाद भजन कीर्तन भी हुए। पति के दिर्घायु व परिवार की सुख, शांति व समृद्धि को विशेष प्रार्थना की गई। एकता विहार स्थित कालिका मंदिर में भी अनुष्ठान हुए।
शनिवार को वट सावित्री का पर्व तमाम गांवों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने सुबह से ही निर्जल व्रत रखा। कुमाऊंनी परिधानों में सज-धज कर सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा अर्चना की। गरमपानी में धर्माचार्य हेम चन्द्र उप्रेती ने विधी विधान से धार्मिक अनुष्ठान पूरे कराए। वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर पति के दिर्घायु होने की कामना की गई। बाद में महिलाओं ने भजन कीर्तन भी किए। परिवार की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना की गई। इस दौरान चंपा पंत, आशा पांडे, दया पंत, दीपा पांडे, प्रमिला कांडपाल, हिमानी जोशी, सपना पंत, वंदना पांडे, तनुजा पांडे, शिवानी पांडे आदि मौजूद रहे। काकड़ीघाट क्षेत्र में जीवनदायिनी कोसी नदी के तट पर स्थित बाबा नीम करौरी आश्रम में मुख्य पुजारी आंनद गैड़ा की देखरेख में आश्रम परिसर में विशेष पूजा अर्चना हुई। आसपास के गांवों के साथ ही अल्मोड़ा, नैनीताल, रानीखेत, भवाली से भी महिलाएं पूजा अर्चना को आश्रम पहुंची। पंडित लीलाधर पाठक व अतुल तिवारी, अमित पाठक ने पूजा अर्चना करवाई। भजन कीर्तनों से माहौल भक्तिमय हो उठा। बाद में प्रसाद वितरण भी किया गया। खैरना स्थित कोसी व शिप्रा नदी के संगम तट पर स्थित सोमवारी आश्रम में भी सुहागिनों ने पति के दिर्घायु को व्रत रखकर विशेष पूजा अर्चना की। एकता विहार स्थित कालिका मंदिर में भी धार्मिक अनुष्ठान हुए।
