🔳 चिकित्सा प्रभारी ने पेयजल निगम की निर्माण ईकाई के अधिकारियों को भेजा पत्र
🔳 नवनिर्मित भवनों में गिनाई तमाम खामियां
🔳 गुणवत्ता के अभाव के साथ ही मानकों के उलट कार्य होने पर उठाए सवाल
🔳 अटल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के भवनों का मामला पकड़ा तूल
🔳 भारी-भरकम बजट से बने भवनों के विवाद में आने से क्षेत्रवासियों में भी रोष
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के विभिन्न गांवों में एक करोड़ रुपये से भी अधिक के सरकारी बजट से बने अटल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के तीन वर्ष का लंबा समय बीतने के बावजूद हस्तांतरित न होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने नवनिर्मित भवनों में कमियों को दूर कर दुरुस्त करने को पेयजल निगम को एक बार फिर पत्राचार कर दिया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सतीश पंत के अनुसार नवनिर्मित भवनों में तमाम खामियां हैं जब तक खामियां दूर नहीं कर जाती भवनों पर स्वामित्व नहीं लिया जाएगा।
बेतालघाट ब्लॉक के रातीघाट, तिवाड़ी गांव, थापली, नौघर समेत आठ गांवों में एक करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से बने आठ अटल आयुष्मान आरोग्य मंदिर विवादों में आ गए हैं। भवन निर्माण को तीन वर्ष का लंबा समय बीतने के बावजूद अब तक भवनों में कार्य शुरु न होने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यदाई संस्था पेयजल निगम (निर्माण ईकाई) के प्रोजेक्ट मैनेजर सूर्य प्रकाश बडोनी के निर्माण कार्य पूरा होने तथा स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किए जाने को लेकर पत्राचार कर दिए जाने के दावे के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने नवनिर्मित भवनों में तमाम खामियां गिना दी है। निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े कर स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्ता के उलट कार्य करने का आरोप लगा दिया है। दोनों विभागों के बीच फंसने से फिलहाल अटल आयुष्मान आरोग्य मंदिर विरान पड़े हुए हैं। गांव के लोगों को नवनिर्मित भवनों से कोई भी सुविधा उपलब्ध न होने से पंचायत प्रतिनिधियों समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों में नाराजगी भी बढ़ने लगी है। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने नवनिर्मित भवनों में किए गए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठा दी है। इधर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सतीश पंत ने भी निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल कर महज सत्तर फीसदी कार्य होने का हवाला दिया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुसार भवनों में समुचित सामग्री नहीं पहुंची है वहीं पेंट भी गाइड लाइन के अनुसार नहीं हुआ है। कई केंद्रों में पानी की निकासी दुरुस्त न होने के साथ ही टाइल्स तक टूटने लगी है। दोमंजिला में निर्माण होने से नीचे हिस्से में दरारें आने लगी है। बताया की पेयजल निगम को दोबारा कार्य दुरुस्त करने को पत्राचार कर दिया गया है जब तक शत-प्रतिशत कार्य पूरा नहीं होगा तब भवनों को हेडओवर नहीं लिया जाएगा।