🔳 महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में निकाली कलश यात्रा
🔳 विशेष मंत्रोच्चार के साथ देश प्रदेश की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना
🔳 कथा श्रवण को आसपास के क्षेत्रों से उमड़ा आस्था का सैलाब
🔳 दो मई को हवन, पूर्णाहुति व महाआरती के साथ लगेगा भंडारा
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर काकड़ीघाट क्षेत्र में कोसी नदी के तट पर स्थित सुप्रसिद्ध नीम करौरी आश्रम में विधी विधान से पूजा अर्चना के साथ श्रीमद् भागवत कथा का श्रीगणेश हो गया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कलश यात्रा निकाली। बाब नीम करौरी के जयकारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से सदमार्ग पर चलने का आह्वान किया।
रविवार को नीम करौरी आश्रम काकड़ीघाट में धर्माचार्यों ने यजमानों से विधी विधान से धार्मिक अनुष्ठान पूरे कराए। महिलाओं ने जीवनदायिनी कोसी नदी से जल लेकर बाबा नीम करौरी के जयकारों के साथ कलश यात्रा निकाली। विशेष मंत्रोच्चार के साथ देश, प्रदेश की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना की गई। कथा श्रवण को आसपास के सूरी, गडस्यारी, नौगांव, सुयालखेत, सुयालबाड़ी, जौरासी, गरमपानी, खैरना समेत तमाम गांवों से आस्था का सैलाब उमड़ा। कथा व्यास आचार्य पदम चंद्र उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। बताया की ईश्वर संसार के कण कण में विराजमान हैं। श्रद्धालुओं से हमेशा सदमार्ग पर चलने का आह्वान किया। कहा की सच्चे मन से ईश्वर की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। भजन मंडली ने शानदार भजनों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय कर दिया। मंदिर के मुख्य पुजारी आंनद सिंह गैड़ा ने बताया कि दो मई को हवन, पूर्णाहुति व महाआरती के बाद भंडारे के साथ कथा का परायण होगा।
