🔳 सुयालबाड़ी में हुआ सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम
🔳 नारी की सात शक्तियों के विषय पर भी दी गई जानकारी
🔳 सरस्वती शिशु मंदिर गरमपानी में भी हुआ कार्यक्रम
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
सरस्वती शिशु मंदिर सुयालबाड़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष में विद्या भारती के तत्वावधान में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम हुआ। वक्ताओं ने भारत के प्राचीन इतिहास में नारियों के योगदान की भूमिका की जानकारी दी। नारी की सात शक्तियों के विषय पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
विद्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, मुख्य वक्ता पूनम जोशी व जिला पंचायत सदस्य निशा कनवाल ने मां सरस्वती के चित्र के समीप दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्य वक्ता पूनम जोशी ने कुटुंब प्रबोधन व पर्यावरण संरक्षण तथा पंच परिवर्तन के विषय पर विस्तार से जानकारी साझा की। भारत के प्राचीन इतिहास में नारियों के योगदान पर भी विचार साझा किए। नारी की सात शक्तियों के बारे में भी विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा ने वर्तमान समाज में नारी के कार्यो व विशेष योगदान के बारे में बताया। जिंप सदस्य निशा कनवाल ने बच्चों के विकास में नारी शक्ति के विशेष योगदान के बारे में बताया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक रमेश चंद्र सुयाल, संरक्षक भुवन चंद्र सुयाल, संकुल प्रमुख मनोहर, सह संकुल प्रमुख देवकीनंदन सनवाल, दिनेश चंद पांडे, सहायक आचार्य रोहित जीना, सुमन नेगी, गोदावरी नेगी, ललिता आर्या, ग्राम प्रधान दीपक सुयाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य धनुली नेगी आदि मौजूद रहे।
सरस्वती शिशु मंदिर गरमपानी में हुआ कार्यक्रम
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गरमपानी में भी गुरुवार को सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम हुआ। संयोजिका मंजू ढौंडियाल ने कार्यक्रम की जानकारी दी। अध्यक्षता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नीमा बिष्ट ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा. प्रगति जैन ने नारी शक्ति, संस्कार, संस्कृति व सामाजिक दायित्वों पर प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस दौरान मीनू साह, भगवती सुयाल, उमा पढ़ालिनी, मनोहर, गीता पाठक, हेमलता बिष्ट, आचार्य डिकर कुमार, महिपाल सिंह, गजराज सिंह, प्रेम कुमार, राधा त्रिपाठी, मंजू ढौंडियाल, हंसा जोशी, संगीता साह, गीता पाठक, गीता बिष्ट, लता बिष्ट, भावना पांडेय, कविता अधिकारी आदि मौजूद रहे।
