🔳 महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में निकाली कलश यात्रा
🔳 माता के जयकारों से गुंजायमान हुआ समूचा क्षेत्र
🔳 भजन कीर्तनों व झोडा गायन ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध
🔳 तीस मार्च को हवन पूर्णाहुति व महाआरती के बाद लगेगा भंडारा
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट गांव स्थित सुप्रसिद्ध देवी मंदिर में विधी विधान से पूजा अर्चना व भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् देवी भागवत का श्रीगणेश हो गया। माता के जयकारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कौशल्या नदी से मंदिर प्रांगण तक कलश यात्रा निकाली। लोक-संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए झोडा गायन की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।
शनिवार को देवी मंदिर परिसर में धर्माचार्यों ने विधि विधान व विशेष मंत्रोचार के साथ यजमानों से धार्मिक अनुष्ठान पूरे कराए। क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना की गई। महिलाओं ने माता के जयकारों के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली। मंदिर परिसर में भजन कीर्तनों व झोडा गायन ने माहौल भक्तिमय कर दिया। कथा व्यास भानू पांडे ने कहा की सच्चे मन से कथा श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। कथा व्यास ने जीवन व मृत्यु के गूढ़ रहस्यों पर भी प्रकाश डाला। सनातन धर्म की रक्षा को आगे आने का आह्वान किया। देर शाम तक भजन कीर्तनों का दौर जारी रहा। कथा श्रवण को आसपास के सिमलखा, डोलकोट, मल्लाकोट, तल्लाकोट, बादरकोट, बढेरी, बर्धो, हरोली, धारी, खैरनी समेत तमाम गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति पदाधिकारियों के अनुसार तीस मार्च को हवन, पूर्णाहुति व महाआरती के बाद भंडारा लगेगा। इस दौरान महंत पंकज गिरी, महंत मोहन मूर्ति, मदन सिंह जलाल, मोहन सिंह, पान सिंह, गोधन सिंह, नवीन सिंह, राजेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, राहुल सिंह समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।