◾बेतालघाट – सेठी – ओखलढुंगा मोटर मार्ग पर तस्कर दे रहे पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती
◾जेसीबी मशीन से सड़क किनारे रौंदी जा रही प्राकृतिक संपदा
◾ आखिर किसकी शह पर तस्कर सक्रिय ? खड़े हो रहे सवाल
◾ प्रदेश के मुख्यमंत्री अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश के कर रहे बड़े बडे़ दावे
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

आपदा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील बेतालघाट क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से अब हरे भरे जंगलों का सीना चीर मानव जनित आपदा की तैयारी की जा ही है। बेतालघाट – सेठी – ओखलढुंगा मोटर मार्ग पर भारी भरकम मशीनों से बरसाती नाले पर खदान कर जंगलात को भी निशाने पर नेस्तनाबूत करने की कोशिश शुरु कर दी गई है। तस्करों की बढ़ती सक्रियता के बावजूद जिम्मेदारों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही।
प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी अवैध खनन पर सख्ती से कार्रवाई के दावे कर रहे हैं पर बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय से सटे सेठी क्षेत्र में दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। बेतालघाट – सेठी – ओखलढुंगा मोटर मार्ग पर खनन तस्कर धड़ल्ले से जेसीबी मशीनों से हरी-भरी पहाड़ियों का सीना चीर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। भारी भरकर मशीनो से उपखनिज को ठिकाने लगाया जा रहा है। बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। रह रहकर सवाल उठ रहा है कि आखिरकार किसकी शह पर अवैध खनन जोर पकड़ता जा रहा है। नदियों के बाद अब खनन तस्कर हरे-भरे जंगलों को भी नहीं छोड़ रहे‌। बरसाती नालों में मशीन से खदान कर बड़ी आपदा की तैयारी भी की जा रही है। बडा़ सवाल यह भी उठ रहा है कि खदान के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें किसकी है और बेरोकटोक खदान में कैसे जुटी है। आखिर हरे भरे जंगलों को नुकसान करने के बाद मशीने कहां रुख कर रही है‌‌। खदान वाले स्थानों पर मशीनों के निशान बड़ी मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

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