🔳 नौनिहालों के स्कूल में एडमिशन को भी दर दर की ठोकरें मजबूरी
🔳 जमीन संबंधी अभिलेखों में नाम न होना बनी परेशानी
🔳 वर्षा से निवासी होने के बावजूद स्थाई निवास प्रमाण पत्र को भी तरसे
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने लाभान्वित करने की उठाई मांग
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
रामगढ़ ब्लॉक के सूदूर बरौली गांव के भुजाखान तोक में रहने वाले कई परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। बच्चों के स्कूल के एडमिशन के लिए भी स्वजन दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। एडी चोटी का जोर लगाने के बाद बामुश्किल बच्चों का एडमिशन हो पाता है। ग्रामीणों के अनुसार वर्षों से निवास करने के बावजूद आज तक जमीन संबंधी अभिलेख न होने से तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बैरोली ग्राम पंचायत के भुजाखान तोक में रहने वाले कई परिवार आज भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से कोसो दूर है। वर्तमान में निवास कर रहे परिवार वर्षों से यहां रहकर खेतीबाड़ी पर निर्भर है। यही नहीं इनके पूर्वज भी यही रहते आए पर जमीन संबंधी अभिलेखों में नाम दर्ज न होने से कई परिवार परेशान हैं। जमीन संबंधी अभिलेखों में नाम न होने से स्थाई प्रमाण पत्र इन परिवारों के लिए सपना हो चुका है वहीं ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार की किसी भी योजना से लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय हरी राम, किसन राम, ओम प्रकाश, डिगर कुमार के अनुसार आसपास के लोगों के नाम अभिलेखों में दर्ज है पर कई परिवारों के नाम नहीं होने से तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर बच्चों के स्कूल में एडमिशन के लिए भी दर दर भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने एक स्वर में अभिलेखों में नाम दर्ज करवा योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग उठाई है। निवर्तमान ग्राम प्रधान शोभा कपिल के अनुसार भुजाखान तोक में रहने वाले परिवार कई वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। प्रत्येक योजनाओं मैं खतौनी की आवश्यकता होने से ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाता। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका आर्या के अनुसार मामले की जानकारी जुटाई जाएंगी। प्रयास किया जाएगा की ग्रामीणों को लाभ मिल सके।
