🔳 सुयालबाड़ी में लगा विधिक साक्षरता व जागरुकता तथा चिकित्सा शिविर
🔳 कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी की गई साझा
🔳 स्वास्थ्य शिविर में हुई सैकड़ों ग्रामीणों की जांच
🔳 साइबर अपराध पर भी किया गया जागरुक

[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सुयालबाड़ी में विधिक साक्षरता व जागरुकता तथा चिकित्सा शिविर में बाल अधिकार संरक्षण समेत कई अन्य विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। शिविर में कई ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाइयां वितरित की गई।

सोमवार को जिला न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष प्रशांत जोशी के निर्देश पर सुयालबाड़ी स्थित पंचायत भवन विधिक साक्षरता शिविर में ग्रामीणों को कई अहम जानकारियां दी गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व सिविल जज सीनियर डिवीजन पारुल थपलियाल ने कहा की बच्चों को दुर्व्यवहार, शोषण, हिंसा, उपेक्षा व भेदभाव से बचाना है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके साथ ही उनका सर्वांगीण विकास हो सके। बताया की नौनिहालों को शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन व भागीदारी के अधिकार शामिल हैं इसके लिए भारत में बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 जैसे कानून व राष्ट्रीय तथा राज्य आयोग हैं जो बच्चों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा करते हैं। विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों को बढ़ते साइबर अपराध व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रियाकलाप के बारे मे भी विस्तार से बताया गया। शिविर मे ग्रामीणों की निशुल्क बीपी, शुगर आदि जांच कर निशुल्क दवाइयां का वितरित की गई। शिविर मे यशवंत कुमार, संजय कुमार समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे‌।