◾लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने के बाद भी नहीं बिगड़ी व्यवस्था
◾गुजराती व बिहार के भक्तों को पसंद आई सिंगौड़ी, जलेबी, बालमिठाई
◾रिंगाल से बने उत्पादो ने मचाई धूम
◾बनारस से पहुंचा सिंदूर सुहागिनों को भाया
◾जब बिछुड़ गए करन और अर्जुन

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

स्थापना दिवस पर सुबह से शाम तक बाबा भक्तों का कैंची धाम पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग हर कोई बाबा के दर पर माथा टेकने को लालायित दिखा।लाखों श्रद्धालुओं के कैंची धाम पहुंचने के बाद भी पर भर के लिए व्यवस्था नहीं बिगड़ी ऐसा लगा मानो खुद बाबा नीम करौली ने कमान संभाल रखी हो। यूं तो स्थापना दिवस पर लाखों श्रद्धालुओं ने कैंची धाम पहुंचकर बाबा के दर पर मत्था टेका पर व्यवस्था कुछ देर के लिए भी नहीं बिगड़ी। ऐसा लगा मानो खुद किस्मत बदलने वाले चमत्कारी बाबा ने व्यवस्था की कमान अपने हाथ में ले ली हो। सुबह तीन से रात दस बजे तक श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन को खड़े रहे। दोपहर में धूप ने भी परेशान किया बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम न हुआ। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का नियंत्रित होना किसी चमत्कार से कम नहीं रहा।

गुजराती व बिहार के भक्तों को पसंद आई सिंगौड़ी, जलेबी, बालमिठाई

स्थापना दिवस पर देश के अलग-अलग राज्यों से बाबा भक्त कैंची धाम पहुंचे। गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत अलग-अलग प्रांतों से कैंची धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर मत्था टेका। मेला परिसर में लगी सिंगौड़ी, बाल मिठाई, जलेबी गुजराती व बिहार से पहुंचे श्रद्धालुओं को खूब पसंद आई। कुमाऊनी मिठाई का स्वाद लेने के बाद श्रद्धालु मिठाई अपने साथ अपने प्रदेश को भी ले गए।

रिंगाल से बने उत्पादो ने मचाई धूम

यूं तो मेला परिसर में सैकड़ों दुकानें लगी पर सबसे ज्यादा आकर्षित रिंगाल से बने हस्तनिर्मित उत्पादों में किया। दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को रिंगाल से बनी टोकरी, ज्वेलरी बॉक्स, पैन व मोबाइल बेग, कंडी आदि खूब पसंद आई। सरस्वती स्वयं सहायता समूह भीमताल की विमला देवी भीमताल से हस्तनिर्मित उत्पादों को लेकर मेले में पहुंची। विमला देवी के अनुसार रिंगाल से बने उत्पाद लोगों को खूब पसंद आए। हस्त निर्मित उत्पादो ने लोगों का खूब ध्यान खींचा। सौ रुपये से एक हजार रुपये कीमत के उत्पादो की मेले में अच्छी बिक्री हुई।

बनारस से पहुंचा सिंदूर सुहागिनों को भाया

मेला परिसर में बनारस से पहुंचे सिंदूर की भी धूम मची रही। लखीमपुर खीरी के व्यवसाई मोनू बनारस से सिंदूर लेकर मेले में पहुंचे। सुहागिनों ने सिंदूर की खूब खरीदारी की। बाबा भक्तों ने हनुमान सिंदूर भी खूब खरिदा। मेले में पहुंचे व्यवसाई भी अच्छी बिक्री होने से खुश नजर आए।

जब बिछुड़ गए करन और अर्जुन

मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बने कंट्रोल रूम में स्थापित खोया पाया केंद्र में अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाया गया। कुछ लोगों के सामान भी वापस दिलाए गए। खोया पाया केंद्र में मुस्तैद टीम लगातार एलाउंसमेंट कर लोगों को मिलाती रही। दोपहर में बचीनगर, हल्द्वानी के करन अर्जुन अपने स्वजनों से बिछड़ गए। पुलिस टीम ने करन अर्जुन को स्वजनों से मिलाया। शाम तक पचास से अधिक लोगों को एक दूसरे से मिलाया गया।

छह वर्षीय बच्चे को छाई बेहोशी

सीएचसी गरमपानी की टीम भी कंट्रोल रुम में मुस्तैदी से जुटी रही। पचास से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। दोपहर में रातीघाट निवासी छह वर्षीय बालग बेहोश गया। स्वजन बालक को लेकर स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे। चिकित्सकों ने बालक का उपचार किया। थोड़ी देर बाद बालक होश में आ गया। स्वास्थ टीम ने लोगों को नशे से दूर रहने को जागरूक भी किया।

आइसक्रीम का भी उठाया लुफ्त

दूर दराज के क्षेत्रों से मेले में पहुंचे बच्चों व महिलाओं ने आइसक्रीम का भी आंनद लिया। दोपहर में गर्मी बढ़ने पर लोगों ने आइसक्रीम के ठेलो की ओर रुख किया। बच्चों को भी आइस्क्रीम खूब पसंद आई। हल्द्वानी से आइस्क्रीम लेकर पहुंचे व्यापारी भी बिक्री बढ़ने पर खुश नजर आए।

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