◾ब्रितानी दौर का पुल डेढ़ जबकि नया पुल ढाई इंच खिसका
◾ जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने किया मौका मुआयना दिए दिशा निर्देश
◾पुलिसकर्मियों की निगरानी में एक बार में एक ही वाहन की होगी आवाजाही
◾दोनों पुलों की स्थिति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेगा एनएच विभाग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाइवे पर क्वारब क्षेत्र में पहाड़ी से हुए भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी है। कोसी नदी पर बना वर्षों पुराना ब्रितानी दौर का महत्वपूर्ण पुल भी मलबे के जद में आने से डेढ़ इंच जबकि नवनिर्मित पुल भी ढाई इंच खिसक गया है। जिलाधिकारी अल्मोड़ा विनीत तोमर ने भी मौके पर पहुंच निरीक्षण किया। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार मलबा हटाने जाने के बाद पुल पर एक समय में एक वाहन की आवाजाही ही सुचारु की जाएगी। शुक्रवार को दिन पर हाइवे पर रुट डायवर्ट रखा गया ।
गुरुवार रात क्वारब क्षेत्र में पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन ने आवाजाही ठप कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर रात को ही हाइवे पर रुट डायवर्ट कर छोटे बडे़ वाहनों को वाया रानीखेत से गंतव्य को रवाना किया गया। शुक्रवार सुबह मलबा हटाने का कार्य शुरु किया गया। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। पहाड़ी से हुए भूस्खलन से पुराना पुल डेढ़ जबकि निर्माणाधीन नया पुल ढाई इंच खिसक गया है जिस कारण दोनों पुलों पर भी खतरा बढ़ गया है। जिलाधिकारी अल्मोड़ा विनीत तोमर ने भी मौका मुआयना कर एनएच के अधिकारियों को विभिन्न दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पुल पर एक समय में एक ही वाहन की आवाजाही करने तथा पुल की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए साथ ही पुलिसकर्मियों की निगरानी में आवाजाही करवाए जाने को कहा। सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार फिलहाल शुक्रवार को पूरे दिन रुट डायवर्ट रखा गया है। पुल की स्थिति पर भी रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी व उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इस दौरान जी बालम सिंह जैनी, मदन लाल वर्मा, चौकी प्रभारी क्वारब बालकृष्ण आर्या, तैयब खान, आंनद राणा आदि मौजूद रहे।
पुल के नजदीक पहाड़ी बन गई खतरा
पुल के नजदीक स्थित पहाड़ी बडे़ खतरे की ओर इशारा कर रही है। कुछ दिनों पहले भी पहाड़ी से भूस्खलन हुआ था अब गुरुवार रात पहाड़ी एकबार फिर दरक गई। एनएच के अधिकारियों के अनुसार पहाड़ी के उपरी हिस्से में दरार भी गहरा गई है जिससे खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पहाड़ी के उपचार को ठोस सुरक्षा कार्य किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
