🔳 मामले की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
🔳 खैरना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच किया निरीक्षण
🔳 तहसीलदार बोले – किसी को नहीं दी गई है अनुमति
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
रातीघाट बेतालघाट मोटर मार्ग पर धनियाकोट गांव के समीप बरसाती गधेरे में बड़े पैमाने पर श्रमिकों के पत्थर तोड़ने से हड़कंप मच गया। पुलिस हेल्पलाइन 112 की सूचना पर पहुंची खैरना पुलिस की टीम ने मौका मुआयना किया। श्री कैंची धाम तहसील के तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी के अनुसार बरसाती गधेरे में किसी को भी पत्थर तोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है।
कोसी घाटी में पुलिस प्रशासन के लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद पत्थर तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गुरुवार को धनियाकोट गांव के समीप बहने वाले बरसाती गधेरे में एक के बाद एक उतरे कई श्रमिकों ने अवैध रूप से पत्थर तोड़ने शुरु कर दिए। श्रमिकों को अंधेरे के समीप बने मंदिर से कुछ दूरी पर बड़े पैमाने पर पत्थर तोड़ते देखा स्थानीय कृपाल सिंह मेहरा ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दे मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। आरोप लगाया की स्थानीय लोगों को घरेलू कार्यों को लिए यदि पत्थरों की आवश्यकता होती है तो प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है पर बाहरी मजदूर धड़ल्ले से गधेरे में पत्थरों को तोड़ इकठ्ठा कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची खैरना चौकी की टीम ने भी मौका मुआयना किया। तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी ने बताया की पत्थरों को तोडने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। स्थानीय कृपाल सिंह ने गधेरे में श्रमिकों को उतारा पत्थर तुड़वाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
