🔳 अपार्टमेंट बनकर तैयार, करीब सत्तर फिसदी कार्य हुआ पूरा
🔳 श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रख तैयार किया गया है ब्रिज का डिजाइन
🔳 पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है 36 मीटर स्पान का ब्रिज
🔳 बाढ़ के थपेड़ो से बचाने को बुनियाद में किया गया है हाइटेक तकनीक का इस्तेमाल
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर सुप्रसिद्ध कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ओम ब्रिज का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। उम्मीद है कि जून के दूसरे सप्ताह तक श्रद्धालु ओम ब्रिज के सहारे आश्रम में प्रवेश कर सकेंगें। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ब्रिज का सत्तर फीसदी कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ब्रिज पर सुरक्षित आवाजाही को ठोस प्रबंध किए जा रहे हैं।
हाईवे पर स्थित सुप्रसिद्ध कैंची धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देख व्यवस्थाओं में सुधार व श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को करोड़ों रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग, ओम ब्रिज, पाथ-वे, ध्यान केंद्र समेत विभिन्न कार्य गतिमान है। युद्धस्तर पर किए जा रहे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। कैंची धाम क्षेत्र शिप्रा नदी पर बने वर्षों पुराने सेतू से श्रद्धालु आश्रम पहुंचते हैं। पूर्व में सेतू की भार वहन क्षमता जांचने के के बाद लगभग 36 मीटर स्पान के नए ब्रिज के निर्माण की कवायद शुरु हुई। विशेष डिजाइन का खाका खींच ओम के आकार के वैली ब्रिज निर्माण का कार्य शुरु हुआ। वैली ब्रिज के महत्व को ध्यान में रख लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य जोर-शोर से कार्य शुरु किया गया। नदी के तेज वेग से बचाने को ब्रिज की बुनियाद में विशेष तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षा कार्य किए गए ताकि नदी में बाढ़ की स्थिति में ब्रिज टस से मस न हो सके। वर्तमान में ओम ब्रिज का कार्य करीब सत्तर फिसदी पूरा कर लिया गया है। उम्मीद है की जून के दूसरे सप्ताह यानि कैंची धाम के स्थापना दिवस तक ओम ब्रिज पर श्रद्धालु आवाजाही शुरु कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रकाश चंद्र उप्रेती के अनुसार ओम ब्रिज के आपरमेंट तैयार हो चुके हैं। जून तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लगातार माॉनिटरिग भी की जा रही है। ब्रिज के निर्माण में विशेष तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है।