◾ गरमपानी खैरना के वासिंदो पर भारी पड़ सकती है लापरवाही
◾दो – तीन महीने बाद बरसात की दस्तक से दहशत में वासिंदे
◾ छह करोड़ रुपये की लागत से किए जाने के बाढ़ सुरक्षा कार्य
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर बसे गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र के ठिक पीछे बहने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले बाढ़ सुरक्षा कार्य समय रहते कैसे पूरे होंगे ये बडा़ सवाल खड़ा हो गया है वह भी तब जब दो तीन माह बाद बरसात दस्तक दे देगी। बीते दो वर्ष पूर्व शिप्रा के तेज बहाव में क्षेत्र के कई आवासीय भवन जमींदोज हो हुए तथा कई भवनों को भारी नुकसान पहुंचा था।
हाइवे पर स्थित गरमपानी खैरना बाजार के पीछे बहने वाली शिप्रा नदी के तांडव को लोग आज तक नहीं भूल सके हैं। आज भी कई जगह शिप्रा के दिए जख्म ताजा है। दो वर्ष पूर्व उफान पर आई शिप्रा नदी ने क्षेत्र के कई भवन जमींदोज कर दिए वहीं कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचाया अब लगभग छह करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से शिप्रा नदी पर बाढ़ सुरक्षा के कार्य किए जाने हैं पर दो-तीन माह बाद ही एक बार फिर बरसात दस्तक दे देगी ऐसे में दो किमी क्षेत्रफल में बसे बाजार क्षेत्र व घरों की सुरक्षा को होने वाले बाढ़ सुरक्षाकार्य कैसे पूरे होंगे या बड़ा सवाल है। क्षेत्रवासियों ने दो वर्ष तक कार्य शुरु न होने पर नाराजगी जताई है। व्यापारी नेता मनीष तिवारी ने कहा की बेहद कम समय में बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जाना बडी़ चुनौती है। व्यापारी नेता ने समय रहते खतरा टालने को अब गरमपानी से खैरना की ओर युद्धस्तर पर बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरु कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।