🔳 फलों से लदी टहनियों को कर दे रहे तहस-नहस
🔳 फलों व पेड़ों को नुकसान से किसान हुए मायूस
🔳 खेतों को रौंदने के बाद अब बगीचों में घुसपैठ बनी चिंता
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में अब जंगली सूअर आड़ू के बगीचों में पहुंचकर पेड़ों की टहनियों को तहस नहस कर उपज को बर्बाद कर दे रहे हैं। बगीचों में गिरे आड़ू व टूटी पेड़ों की टहनियों को देख किसान मायूस हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने किसानों की उपज को नुकसान का मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
गांवों में जंगली सूअर खेतीबाड़ी के लिए अभिषाप बन चुके हैं। पहले ही खेतों को रौंद जंगली सूअरों का झुंड फसल को बर्बाद करने में तुला है अब लोहाली, चमड़ियां, छड़ा समेत आसपास के गांवों में जंगली सूअरों के निशाने पर आड़ू के बग़ीचे भी आ गए हैं। जंगली सूअरों का झुंड अपनी भूख शांत करने के लिए आडू के पेड़ों की टहनियों को तहस नहस कर दे रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फलों के साथ ही किसानों के पेड़ भी तहस-नस हो जा रहे हैं। फल उत्पादक किसान महेंद्र सिंह बिष्ट, संजय सिंह, पूरन सिंह, दिलीप सिंह नेगी, मदन मोहन सिंह बिष्ट, कुबेर सिंह, गोपाल सिंह रावत, महेंद्र सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह,रतन सिंह रावत, मोहन सिंह आदि के अनुसार जंगली सूअर परेशानी का सबक बन चुके हैं। पहले खेतों को नुकसान के बाद अब पेड़ों को भी तहस कर रहे हैं। यही हालात रहे तो एक दिन खेती-बाड़ी छोड़नी पड़ेगी। किसानों ने जंगली सूअरो का आतंक रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है।