🔳 जंगली सूअरों ने दो बार तहस नहस कर डाली पौध
🔳 अब तीसरी बार पौध तैयार करने में जुटे किसान
🔳 जंगली जानवरों के आंतक से बंजर होने लगे खेत
🔳 सब्जी व अनाज उत्पादन के क्षेत्र में खास पहचान रखता है सुनियाकोट
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे सुनियाकोट गांव में जंगली सूअरों के आंतक से धान की रोपाई ही प्रभावित हो गई है। खेतों में रोपाई को तैयार किए गए पौध को जंगली सूअर ने तहस नहस कर डाला है। दो बार नुकसान किए जाने के बाद अब किसान तीसरी बार बीज की तैयारी में जुटे हैं। किसानों के अनुसार जंगली जानवरों के आंतक से अनाज व सब्जी उत्पादक गांव के रुप में विशेष पहचान रखने वाले गांव में खेती-बाड़ी चौपट हो चुकी है।
हाईवे से सटे ताड़ीखेत ब्लॉक का सुनियाकोट गांव जहां कभी फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, शिमला मिर्च व अनाज की बंपर पैदावार होती वहां अब जंगली जानवरों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है‌। अल्मोड़ा, हल्द्वानी के साथ ही उत्तर प्रदेश दिल्ली, लखनऊ जैसे बड़े महानगरों में भेजी जाने वाली सब्जियों की अब सीमित पैदावार होने से स्थानीय किसानों की आर्थिकी भी चरमरा गई है। जंगली सूअरों का गांव में आंतक इतना बढ़ चुका है की धान की पैदावार के लिए खेतों में तैयार की गई पौध को भी जंगली सूअरों ने रौंद डाला है। दो बार नुकसान के बाद अब किसानों ने तीसरी बार पौध तैयार करने की जद्दोजहद शुरु कर दी है। दो बार नुकसान होने से अब तक गांव में रोपाई तक नहीं हो सकी है। खेतों में की गई किसानों की हाड़तोड़ मेहनत को जंगली सूअर पल भर में चौपट कर दे रहे हैं। पूर्व ग्राम प्रधान राजेन्द्र सिंह परिहार के लिए खेती बचाने को लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद सुध नहीं ली जा रही जिस कारण उपजाऊ खेत तक बंजर होने लगे हैं। स्थानीय किसान पूरन सिंह, देव सिंह, हीरा सिंह परिहार, कैलाश सिंह जलाल, शिव सिंह ने भी जंगली जानवरों के आंतक से निजात दिलाने की मांग उठाई है ताकि लगातार खत्म हो रही खेती को सुरक्षित किया जा सके।

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