🔳 लगातार बारिश से कभी भी उफान में आ सकती है कोसी नदी
🔳 जिम्मेदारों के सुध न लेने से बड़ी अनहोनी का अंदेशा
🔳 नदी से सटे क्षेत्र में ही झोपड़ी डाल श्रमिक डाले हैं डेरा
🔳 तमाम गांवों के लोगों ने भी जताई चिंता
🔳 तहसीलदार बोले मामले में की जाएगी कार्रवाई
[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]]
कोसी घाटी में नदी किनारे रह रहे श्रमिकों व उनके परिवार के सदस्यों की जिंदगी पर खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद सुध नहीं ली जा रही। लगातार बारिश से नदी का उफान कभी भी बढ़ने से मजदूरों के परिवार के बहाव की चपेट में आने का अंदेशा बना हुआ है। तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी के अनुसार श्रमिकों के बच्चों व परिवार के सदस्यों को नदी से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आदेशों का पालन नहीं हुआ तो फिर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोसी घाटी में उपखनिज पट्टों पर कार्य को पहुंचे विभिन्न प्रदेशों के मजदूर कोसी नदी के किनारे ही डेरा डाले हुए हैं। श्रमिकों को दिन भर उपखनिज पट्टों पर होने से छोटे छोटे बच्चे भी नदी में पहुंच जा रहे हैं। लगातार बारिश से कभी भी नदी का बहाव तेज होने से बड़ी अनहोनी का अंदेशा बढ़ता ही जा रहा है पर जिम्मेदार अधिकारी सुध नहीं ले रहे। मजदूरों के परिवार के सदस्य भी नदी के किनारे ही झोपड़ी डाले हुए हैं। नदी का बहाव बढ़ने से श्रमिकों के परिवार के सदस्यों की जिंदगी भी खतरे में है पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। खनन बंद होने की समय सीमा नजदीक आने से पट्टा संचालक भी बड़े खतरे की अनदेखी कर रहे हैं वहीं प्रशासन भी अनदेखी पर आमादा है। तमाम गांवों के लोगों ने भी श्रमिकों के बच्चों व परिवार के सदस्यों पर बड़ रहे खतरे पर चिंता जताई है तत्काल खनन कार्य बंद करवा श्रमिकों के बच्चों के साथ ही परिवार के सदस्यों की जिंदगी को सुरक्षित किए जाने पर जोर दिया है। श्री कैंची धाम तहसील के तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी के अनुसार श्रमिकों के बच्चों व परिवार के सदस्यों के नदी में प्रवेश रोकने को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि फिर भी आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा तो कार्रवाई की जाएगी।
