🔳 तहसील दिवस में न्यून रही आमजन की भागीदारी
🔳 विभागीय अधिकारियों के अलावा गिने-चुने पंचायत प्रतिनिधि पहुंचे
🔳 ग्राम प्रधान मल्ली पाली ने उठाए गंभीर सवाल
🔳 तहसील दिवस, बहुउद्देशीय शिविरों व जनता दरबार को दिया औपचारिकता करार
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
बेतालघाट स्थित तहसील परिसर में हुए तहसील दिवस को पंचायत प्रतिनिधियों ने महज औपचारिकता करार दिया है। समस्याओं का समाधान न होने से तहसील दिवस जैसे शिवरों से आमजन का मोहभंग होता जा रहा है। तहसील दिवस में आमजन का प्रतिभाग न करना इसका जीता जागता उदाहरण है। आरोप लगाया की गांवों के लोग समस्याएं लेकर शिविरों में पहुंचते तो है पर समाधान न होने से मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है।
मंगलवार को तहसील परिसर में तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी की अध्यक्षता में तहसील दिवस लगा। कार्यक्रम में पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों ने कई समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। डंडेसारी गांव में स्थित विद्यालय में समुचित शिक्षकों की तैनाती, खाता खतौनी में शुद्धीकरण, तल्ला गांव में जल जीवन मिशन योजना से पेयजल आपूर्ति का मुद्दा जोर शोर से उठा। तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी ने समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान को विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। शिविर में आमजन की भागीदारी न होने पर ग्राम प्रधान शेखर दानी ने आरोपों की झड़ी लगा दी। पूर्व में हुए तहसील दिवस में दर्ज हुई समस्याओं के समाधान को किए गए कार्यों पर सवाल उठाए। कहा की तहसील दिवस, बहुउद्देशीय शिविर, जनता दरबार में समस्याएं तो दर्ज कर ली जाती है पर समाधान को कदम नहीं उठाए जाते। आदेश महज कागजों में रेंगते है पर धरातल पर कुछ भी नहीं होता जिस कारण अब गांवो के लोग ऐसे शिविरों में पहुंचने से कतराने लगे हैं। अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भी समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी जताई। इस दौरान एबीडीओ विनोद कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक सुरेश सनवाल, प्रधान प्रतिनिधि विनोद तिवारी, प्रेम गिरी गोस्वामी, पंकज जोशी, हरीश चंद्र, प्रताप चंद्र आदि मौजूद रहे।
