tikhinazar

= पेयजल संकट गहराने से क्षेत्रवासी परेशान
= आए दिन बूंदबूद पानी को तरस रही सैकडो़ की आबादी
= पंपिग योजनाओं से होगी आपूर्ति तो खत्म होगा पानी का सूखा

(((कुबेर जीना/अंकित सुयाल/महेंद्र कनवाल/विजय रौतेला की रिपोर्ट)))

खैरना क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने से सैकडो़ की आबादी परेशान है। आबादी भी लगातार बढ़ रही है जिस कारण लोगों को समुचित पेयजल नहीं मिल रहा। क्षेत्रवासियों ने उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी में बनी बारगल कफूल्टा तथा शिप्रा नदी में बनी मझेड़ा ब्यासी पंपिंग पेयजल योजना से क्षेत्र में जलापूर्ति किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति होगी तो पानी का संकट खत्म हो सकेगा।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित करीब दो किलोमीटर लंबे बाजार क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र में जड़मिला क्षेत्र स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी की आपूर्ति की जाती है पर दिनों दिन प्राकृतिक स्रोत भी सूखने के कगार पर पहुंच चुका है। आपदा के बाद से संकट दोगुना बढ़ गया है। पानी ना मिलने से समुचित पेयजल ना मिलने से लोग परेशान हैं। हाईवे पर स्थित हैंडपंप तथा दूर दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से वाहनों में पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। स्थानीय महेंद्र सिंह, विरेंद्र बिष्ट, पूरन लाल साह, फिरोज अहमद, गंगा सिंह, भरत जलाल, पंकज नेगी, कुंदन जलाल, देवेश कांडपाल, नंदन सिंह, दलीप गोस्वामी, दीपक बिष्ट, मनोज नैनवाल, भैरव नैनवाल, नीरज जलाल आदि लोगों ने उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी पर बनी बारगल कफूल्टा व कोसी नदी पर बनी मझेडा़ ब्यासी पंपिंग पेयजल योजना से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि इन दोनों पेयजल योजनाओं से क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति होगी तो काफी हद तक पानी का संकट खत्म हो सकेगा। चेताया है कि यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो फिर तहसील में धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।