🔳 सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को सौंपी जांच, सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखने के निर्देश
🔳 विधायक ने भी लापरवाह रवैए पर जताई गहरी नाराजगी
🔳 स्वास्थ्य मंत्री को देंगी पूरे मामले की जानकारी
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों ने भी जताया रोष
🔳 ब्लॉक प्रमुख बेतालघाट की पत्नी को सीएचसी में समय पर इलाज न मिलने का मामला
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी में ब्लॉक प्रमुख बेतालघाट अंकित साह की पत्नी व छड़ा खैरना क्षेत्र से बीडीसी सदस्य नीतू साह को अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने पर अस्पताल में एक भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी न होने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने जांच बैठा दी है। जांच की कमान डिप्टी सीएमओ को सौंपी गई है। सीएमओ ने मामले की सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मामले को लेकर विधायक सरिता आर्या ने भी गहरी नाराजगी जताई है। मामले को स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखने की बात भी कही है।
बदहाल व्यवस्था को लेकर विवादों से घिरे रहने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी में बीते गुरुवार शाम ब्लॉक प्रमुख अंकित साह की पत्नी छड़ा खैरना से क्षेत्र पंचायत सदस्य नीतू का स्वास्थ्य एकाएक बिगड़ गया। ब्लॉक प्रमुख व स्वजन उपचार के लिए उन्हें लेकर सीएचसी गरमपानी पहुंचे। अस्पताल में एक भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी के उपलब्ध न होने व पूरा अस्पताल एकमात्र होमगार्ड के भरोसे छोड़े जाने पर ब्लॉक प्रमुख व स्वजनों ने गहरा रोष जताया। सूचना पर कई अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए पर चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मी नदारद रहे। हो हल्ला होने व मामला सीएमओ तक पहुंचने के बाद बामुश्किल चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य का उपचार शुरु हो सका। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर क्षेत्रवासियों ने भी गहरी नाराजगी जताई। मामले के तूल पकड़ने पर अब सीएमओ डा. हरीश पंत ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है वहीं सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। विधायक सरिता आर्या ने भी चिकित्सकों के लापरवाह रवैए पर गहरी नाराजगी जताई है। सरिता आर्या के अनुसार लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह रवैए की जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को भी दी जाएगी। इधर मामले को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भी गहरी नाराजगी जताई है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो अस्पताल परिसर में ही धरना शुरु कर दिया जाएगा।
