🔳 विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने जताया रोष
🔳 जनप्रतिनिधि के साथ हुए मामले पर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
🔳 अस्पताल में बिगड़ रही व्यवस्था पर जताई चिंता
🔳 लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की उठाई मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल व क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति पदाधिकारियों का पारा चढ़ गया है। पदाधिकारियों व सदस्यों ने अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर गहरा रोष व्यक्त कर कार्रवाई की मांग उठाई है। आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
ब्लॉक प्रमुख अंकित साह की पत्नी व क्षेत्र पंचायत सदस्य नीतू साथ के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की गैरमौजूदगी का मामला तूल पकड़ गया है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रेम नाथ गोस्वामी ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर गहरा रोष जताया है। आरोप लगाया की जब एक जनप्रतिनिधि को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है तो सूदूर गांवों से इलाज को अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निश्चित ही तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता होगा। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष तिवारी ने छह वर्ष पूर्व संगठन के बैनर तले किए गए आंदोलन को याद कर दोबारा आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने की चेतावनी दी है। आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बिशन सिंह जंतवाल ने भी मामले की कड़े शब्दों में निंदा की है। व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, गोविंद सिंह, भरत जलाल, संजय सिंह बिष्ट, फिरोज अहमद, गौरव पंत आदि व्यापारियों ने भी बीते शुक्रवार शाम सामने आई अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
