🔳 भाजयुमो के पूर्व मंडल अध्यक्ष व ग्राम प्रधान ने खोला मोर्चा
🔳 खनन प्रभावित गांवों के लिए बजट न मिलने पर जताया रोष
🔳 मनमाने ढंग से प्रस्ताव तैयार कर बजट के बंदरबाट का लगाया आरोप
🔳 84 लाख रुपये से अधिक के बजट को मिली है स्वीकृति
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के विभिन्न गांवों में जिला खनिज फाउंडेशन न्याय निधी के 84 लाख रुपये से भी अधिक के बजट से स्वीकृत कार्यों पर सत्ता पक्ष से जुड़े ग्राम प्रधान व भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने ही सवाल खड़े कर दिए है। आरोप लगाया है की खनन कार्य से प्रभावित गांवों में खनन न्यास निधी से कार्य न कराकर अन्य गांवों में कार्य करा बजट की बंदरबांट की जा रही है। मामले की जांच की मांग उठा दोबारा प्रस्ताव तैयार किए जाने पर जोर दिया है।
बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट, घोडिया हल्सों, कटिमी गजार, रोपा, दाडिमा, सेठी धारकोट, ऊंचाकोट, हल्दीयानी, मल्ला गांव आदि में जिला खनिज फाउंडेशन न्याय निधी से 84 लाख रुपये से भी अधिक के बजट से विभिन्न कार्यों को स्वीकृति मिली है। खनन प्रभावित गांवों में एक भी कार्य न होने पर भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष बिशन जंतवाल ने मोर्चा खोल गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया है कि जिन गांवों में स्टोन क्रशर व उपखनिज पट्टे संचालित है वहीं गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं पर जिला खनिज फाउंडेशन न्याय निधी से स्वीकृत बजट से उन गांवों की उपेक्षा कर दी गई है। पूर्व मंडल अध्यक्ष ने बजट के बंदरबांट का आरोप लगा जांच की मांग उठाई है। ग्राम प्रधान धारी कमल सिंह ने भी बजट में गांव की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान के अनुसार उनकी ग्राम पंचायत में दो स्टोन क्रशर संचालित है। खनन पट्टे से भी कार्य किया जा रहा है पर जिला खनिज फाउंडेशन न्याय निधी में ग्राम पंचायत की ही अनदेखी कर दी गई है। बीस से पच्चीस किमी दूर गांवों में कार्यो की स्वीकृति पर सवाल उठाए। दो टूक कहा की मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम प्रधान ने भी खनन प्रभावित गांवों में ही खनन न्यास निधी के बजट से कार्य करवाए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।