= लंबे वर्षों से सेवा देने पर आज तक गांव के लोगों व अभिभावकों ने नहीं कि कोई भी शिकायत
= विद्यार्थियों को भड़का कर तैयार की गई पूरी रूपरेखा
= अनुपस्थिति में की गई त्वरित कार्रवाई पर जताया संदेश
= आरोपित शिक्षक ने खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज रखा अपना पक्ष
(((टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्यालीखेत में शिक्षक पर गंभीर आरोप लगने के बाद अब शिक्षक ने भी खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित में अपना पक्ष भेज दिया है। शिक्षक ने मामले को गहरी साजिश करार दिया है साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।
खंड शिक्षा अधिकारी ताडी़खेत को भेजें पत्र में विद्यालय में तैनात शिक्षक ऐरवन कुमार ने कहा है कि वह अक्टूबर 2006 से इस विद्यालय में कार्यरत है। समय-समय पर प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी का निर्वहन भी किया है। बीते 12 मई को उनके ऊपर लगे आरोपों की सूचना मिली है जो एकदम गलत है। बताया कि वह 22 अप्रैल से ही चिकित्सकीय अवकाश पर हैं। अनुपस्थिति में गहरी साजिश के तहत बदनाम करने के लिए विद्यार्थियों को भड़का कर आरोप लगाया गया है। कहा है कि 16 वर्षों में उनके कार्य व व्यवहार से आज तक किसी भी गांव के लोगों व अभिभावकों ने शिकायत नहीं की पर एकाएक अनुपस्थिति में विद्यार्थियों को भड़का कर आरोप लगाया गया वही प्रधानाचार्य के दो दिन के भीतर त्वरित कार्रवाई पर भी संदेह जताया है। कहा है कि उनके विरुद्ध गहरी साजिश रची गई है। शिक्षक ने खंड शिक्षा अधिकारी से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
