🔳 मिनी स्टेडियम की दीवार टूटने से हुआ हादसा
🔳 निजी कार्यक्रम में उमड़े थे हजारों ग्रामीण
🔳 घटना को लेकर क्षेत्र में मचा हड़कंप, लोगों ने जताई नाराजगी
🔳 रात तक लोगों के सड़कों में घूमने के विडियो भी हुए वायरल
🔳 एसडीएम बोली – बगैर सूचना, बगैर व्यवस्था के कार्यक्रम पर होगी कार्रवाई
🔳 आयोजक बोले – जिलाधिकारी, फायर बिग्रेड, पुलिस सभी को दी थी कार्यक्रम की सूचना
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

बेतालघाट मिनी स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में कंबल वितरण के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसी बीच मिनी स्टेडियम की सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने से हड़कंप मच गया। क्षतिग्रस्त दीवार की चपेट में आने से तीन महिलाओं समेत छह लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेतालघाट पहुंचाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चार लोगों को हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीणों व महिलाओं के उमड़ने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोमवार को मिनी स्टेडियम बेतालघाट में निजी कार्यक्रम के तहत विधानसभा सम्मेलन आरम्भ 2027 हुआ। सुबह से ही आसपास के गांवों से हज़ारों की संख्या में महिलाएं व पुरुष मिनी स्टेडियम पहुंचने लगे। कुमाऊंनी लोक गायकों की प्रस्तुति व युवा नेताओं के भाषण तक संख्या बढ़ती ही चली गई। कार्यक्रम में निःशुल्क कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान भीड़ के मंच तक पहुंचने से गेट पर कंबल वितरण किया जाने लगा की तभी भारी भीड़ के दबाव से मिनी स्टेडियम की सुरक्षा दीवार टूट गई। दीवार के क्षतिग्रस्त होने से कई लोग संतुलन खो बैठे और चोटिल हो गए। घटना से स्टेडियम में अफरातफरी मच गई। क्षतिग्रस्त दीवार की चपेट में आने से तल्ली सेठी निवासी बुजुर्ग कांति देवी, रेखा देवी, रोपा गांव निवासी बचुली देवी, रातीघाट निवासी भूपाल अधिकारी, रोपा निवासी रेवाधर तथा बेतालघाट निवासी मोहन कुमार घायल हो गए। आनन फानन में सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेतालघाट ले जाया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. योगेश कुमार के अनुसार सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। कांति देवी, रेखा देवी, बचुली देवी तथा भूपाल अधिकारी को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका के अनुसार कार्यक्रम को लेकर किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। मामले की जांच करवाई जाएगी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की सूचना व बगैर व्यवस्था के कार्यक्रम पर कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम आयोजन शीलू कुमार के अनुसार एक से डेढ़ माह पहले ही जिलाधिकारी, फायर ब्रिगेड, पुलिस को सूचना दे दी गई थी। घटना को लेकर बेवजह अफवाह फैलाई गई है। मैं खुद सभी घायलों से अस्पताल में मिलकर आया।

रात तक सड़क पर घुमते रहे ग्रामीण

मिनी स्टेडियम बेतालघाट में हुए कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ने के बाद शाम को अफरातफरी का माहौल पैदा होने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने भी घटना को लेकर गहरी नाराजगी जताई। वहीं रात तक महिलाओं व पुरुषों के सड़कों पर घुमते रहने व गांवों को पैदल ही रवाना होने के विडियो भी इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर वायरल होते रहे। अव्यवस्था पर क्षेत्रवासियों ने गहरा रोष जताया। आरोप लगाया की कार्यक्रम के बाद लोगों को ऐसे छोड़ दिया गया जैसे उनसे किसी का कोई मतलब न हो। गांवो के लोग जंगल व सुनसान रास्तों से घरों को रवाना हुए ऐसे में जंगली जानवरों व गुलदार का भय भी बना रहा।

सामने आ सकती थी बड़ी अनहोनी

बेतालघाट स्थित मिनी स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में भारी भीड़ पहुंचने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती थी। भीड़ अनियंत्रित होती तो बड़ी अनहोनी सामने आ सकती थी। कंबल वितरण को लेकर लोगों के मंच तक पहुंचने व बाद में स्टेडियम गेट पर हुई अफरातफरी से माहौल एकदम बदल गया। सूदूर गांवों से पहुंचे लोग सख्ते में आ गए वहीं घटना की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैलने के बाद स्थानीय लोगों ने भी घटनास्थल की ओर रुख किया। लोगों ने घटनाक्रम पर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए।