🔳 सातवें आसमान पर पहुंचा जौरासी के ग्रामीणों का पारा
🔳 सरकार को झांसे में रख झूठी सूचना अपलोड करने का लगाया आरोप
🔳 मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की उठी मांग
🔳 जल्द आपूर्ति सुचारु न होने पर आंदोलन का ऐलान
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे रामगढ़ ब्लॉक के जौरासी गांव में जल जीवन मिशन योजना से निर्माणाधीन पेयजल टैंक का कार्य छह महीने से भी अधिक समय से अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों को पानी की बूंद तक नसीब नहीं हो सकी है इसके उलट योजना से जुड़ी वेबसाइट पर कार्य लगभग 85 फिसदी पूरा दिखा दिया गया है। मामले के सामने आने से क्षेत्रवासियों ने गहरी नाराजगी जताई है। गांव के लोगों के साथ ही सरकार को भी झांसे में रखने का आरोप लगा मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है।
हाईवे से सटे रामगढ़ ब्लॉक के जौरासी गांव में पानी का सूखा खत्म करने को जल जीवन मिशन योजना से पेयजल योजना का कार्य शुरु किया गया। उम्मीद थी की तय समय पर योजना का निर्माण हो जाने से सौ से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा पर पिछले छह महीने से भी अधिक समय से योजना का कार्य बंद होने से गांव के लोग मायूस हो गए हैं। गांव में निर्माणाधीन पेयजल टैंक भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने टैंक का निर्माण पिछले छह महीने से रुके होने पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की टैंक के आधे हिस्से का निर्माण कर उसे छोड़ दिया गया है। आरोप लगाया की यदि अब दोबारा कार्य शुरु भी होता है तो टैंक के आधे निर्माण से गुणवत्ता में कमी आ सकती है वहीं योजना की वेबसाइट पर योजना का 85 फिसदी कार्य पूरा होने के खुलासे से गांव के लोग हैरत में हैं। स्थानीय हरीश मेहरा व तारा सिंह के अनुसार योजना निर्माण के नाम पर गांव के लोगों को छला गया है यहीं नहीं सरकार को भी अंधेरे में रख 85 फिसदी कार्य पूरा किए जाने के आंकड़े वेबसाइट पर लोड किए गए हैं। आरोप लगाया की योजना से आज तक पानी की बूंद तक नसीब नहीं हुई है ऐसे में 85 फिसदी कार्य पूरा कर लिए जाने का आंकड़ा झूठा है। स्थानीय बिशन सिंह, पान सिंह, खीम सिंह, नारायण राम, सुरेश चंद्र, नैन सिंह, विजय टम्टा, विकास अधिकारी, नवीन सिंह, खीम सिंह महरा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। दो टूक कहा है की मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता त्रिवेंद्र जोशी के अनुसार कार्य गतिमान है। बजट न मिलने से अड़चन आई है। अधूरे टैंक को भी तुड़वाकर नया टैंक बनवाया जाएगा।
