🔳 मालवाहक वाहनों को रोके जाने से समय पर बड़ी मंडी नहीं पहुंच रही उपज
🔳 समय पर उपज न पहुंचने से कारोबारियों को नहीं मिल रहा वाजिब दाम
🔳 एक के बाद एक समस्या होने से व्यापारियों में बढ़ने लगी है नाराजगी
🔳 शटल सेवा के कारण पहले ही ठप पड़ा है पर्यटन व्यवसाय
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम से निजात पाने को खैरना क्षेत्र में रोके जा रहे मालवाहक वाहनों से अब सब्जी व फल करोबार भी असर दिखने लगा है। मालवाहक वाहनों को बोर्डर पर रोक लिए जाने से कोसी घाटी की फल व सब्जियां समय पर बड़ी मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है जिस कारण सब्जी व फल कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। शटल सेवा से पर्यटन व्यवसाय और अब मालवाहक वाहनों को रोकने से फल व सब्जी करोबार प्रभावित होने व्यवसायियों में गहरी नाराजगी है।
कोसी घाटी के तमाम गांवों से इन दिनों शिमला मिर्च, बीन, गोभी समेत कई अन्य सब्जियां व आड़ू, पूलम, खुमानी, नाशपाती आदि फल गरमपानी, खैरना, रातीघाट, लोहाली, चमड़ियां, भुजान आदि बाजार क्षेत्रों से हल्द्वानी, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर की बड़ी मंडियों को भेजें जाते हैं। कोसी घाटी के कई लोग फल व सब्जी कारोबार से जुड़कर आजीविका चलाते हैं। कैंची क्षेत्र में जाम से निपटने के लिए मालवाहक वाहनों को खैरना क्षेत्र में रोके जाने से अब फल व सब्जी कारोबार से जुड़े कारोबारियों को तमाम परेशानियों के साथ ही नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। उपज के समय पर बड़ी मंडियों तक न पहुंचने से कारोबारियों को उपज की बेहतर कीमत नहीं मिल पा रही है। गरमपानी के फल व सब्जी कारोबारी भास्कर त्रिपाठी, गौरव पंत के अनुसार सुबह के समय खरीदी गई सब्जियां व फल मजबूरी में शाम को मालवाहक वाहनों के संचालन के बाद ही बड़ी मंडियों को भेजें जा रहे हैं जिस कारण उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा। सुबह से ही वाहनों के इंतजार में समय की बर्बादी भी हो रही है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, मनीष तिवारी, गजेंद्र सिंह, प्रेम नाथ गोस्वामी, बिशन जंतवाल ने आरोप लगाया की पहले ही शटल सेवा से तमाम बाजार क्षेत्रों में व्यवसाय चौपट है अब मालवाहक वाहनों को रोके जाने से फल व सब्जी कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने को ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई है साफ कहा की शटल सेव व मालवाहक वाहनों को रोकना समस्या का समाधान नहीं है। चेताया है कि व्यापारियों के हितों से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
