🔳 आग से लगातार धधक रहे जंगलों से लोगों में नाराजगी
🔳 वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
🔳 ग्रीष्मकाल की शुरुआत में ही जंगलों को बचाने में वन विभाग नाकाम
🔳 अधिकारियों से कार्यालय छोड़ धरातल पर उतरने की मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
कोसी घाटी के जंगलों में धधक रही आग पर समय रहते काबू न किए जाने से क्षेत्रवासियों ने गहरी नाराजगी जताई है। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर विभागीय दावों को भी झूठा करार दिया है। आरोप लगाया की ग्रीष्मकाल की शुरुआत में ही वन विभाग जंगलों को बचाने में नाकाम साबित हो रहा है। अफसरों से एअर कंडीशनर कार्यालय से निकल धरातल की स्थिति देखने की मांग उठाई है।
कोसी घाटी के जंगलों में ग्रीष्मकाल की शुरुआत में आग का तांडव शुरु हो चुका है। आज दिन जंगल आग की चपेट में आकर राख में तब्दील होते जा रहे हैं। लगातार धधक रही आग से बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान के साथ ही मवेशियों की चारा पत्ती भी जलकर नष्ट हो जा रही है वहीं जंगली जानवरों को भी नुकसान का अंदेशा है। जंगलों में धधकती आग से बचने को जंगली जानवरों के आबादी की ओर उतरने से मानव वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है। एक के बाद एक जंगलों के आग से राख होने के बावजूद वन विभाग की नींद नहीं टूट रही। बड़े बड़े दावों के बावजूद ग्रीष्मकाल की शुरुआत में ही वन विभाग फेल नजर आ रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों से महज दिशा निर्देश देकर इतिश्री कर रहे हैं पर धरातल में कहीं दिखाई नहीं दे रहे ऐसे में जंगलों को आग से बचाने के दावों को भी झूठा करार दिया है। अंदेशा जताया की जंगलों में लग रही आग से जंगली जानवरों के आबादी की ओर पहुंचने व मानव वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ सकता है। तीन तीन दिनों तक जंगलों में धधक रही आग को काबू न करना विभागीय दावों की पोल खोल रहा है। गांवों के लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से जंगलों का दौरा कर आग पर काबू पाने को ठोस रणनीति तैयार किए जाने की मांग उठाई है।
