🔳 आक्रोशित गौवंशीय पशुओं की भिड़ंत से दहशत में नौनिहाल
🔳 पशुओं की आए दिन हो रही भिड़ंत बनती जा रही मुसीबत
🔳 पशुओं के हमले में कई लोग हो चुके हैं घायल, एक बुजुर्ग की हो चुकी है मौत
🔳 जिम्मेदारों की अनदेखी से घटनाओं की पुनरावृत्ति का अंदेशा
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के आक्रोशित होने से आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है। भारी भरकम पशुओं की आए दिन भिड़ंत से बड़ी घटना के सामने आने का अंदेशा बना हुआ है बावजूद जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। क्षेत्रवासियों ने आज दिन पशुओं के हाईवे पर लड़ने से कभी भी बड़ी घटना के सामने आने का अंदेशा जताया है।
गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र में बेसहारा गौवंशीय पशु दहशत का पर्याय बन चुके हैं। बाजार क्षेत्र में मंडरा रहे सांड हाईवे पर आक्रोशित होकर लड़ रहे हैं जिससे बाजार क्षेत्र में अफरातफरी मच जा रही है वहीं व्यस्त हाईवे पर आवाजाही कर रहे वाहनों से भी पशुओं के टकराने का खतरा बढ़ जा रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर, आयुष्मान कान्वेंट, राजकीय इंटर कॉलेज, प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत सैकड़ों नौनिहाल भी बाजार होते हुए भी विद्यालयों को आवाजाही करते हैं पर भारी भरकम गौवंशीय पशुओं के बाजार में आक्रोशित होकर आपस में भिड़ने से डर जा रहे रहे हैं। गौवंशीय पशु की लगातार बढ़ रही तादाद से क्षेत्रवासियों की चिंता भी बढ़ती ही जा रही है। व्यापार मंडल के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष व पूर्व ग्राम प्रधान प्रेम नाथ गोस्वामी ने आरोप लगाया की गौवंशीय पशुओं के हमलावर होने से कई लोगों के गंभीर घायल होने तथा पूर्व में बुजुर्ग व्यवसायी की मौत हो जाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। अंदेशा जताया की यदि समय रहते समस्या का समाधान न हुआ तो भविष्य में बड़ी अनहोनी सामने आ सकती है। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष तिवारी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट, गौरव पंत, बिशन जंतवाल, गोविंद सिंह नेगी, गजेंद्र सिंह, फिरोज अहमद आदि ने बाजार क्षेत्र में दहशत बन चुके गौवंशीय पशुओं को गौसदन भेजने की मांग उठाई है ताकि बाजार क्षेत्र में आवाजाही सुरक्षित हो सके।
