🔳 समुचित शिक्षकों की तैनाती न होने से अभिभावक भी चिंतित
🔳 नौनिहालों का भविष्य होता जा रहा अंधकारमय
🔳 जूनियर हाईस्कूल नैनीचैक की स्थिति से अभिभावकों में नाराजगी
🔳 आए दिन व्ववस्था पर शिक्षकों को भेजने से चढ़ा पारा
🔳 हालातों में सुधार की उठाई मांग, अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के नैनीचैक गांव में स्थित जूनियर हाईस्कूल में आसपास के गांवों से 45 नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे पर शिक्षा विभाग की उपेक्षा से बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। आए दिन विद्यालय में तैनात दो में से एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालय में भेजे जाने से विद्यालय के हालात बिगड़ गए हैं। महज एक शिक्षक पहली से आठवीं कक्षा तक के नौनिहालों को शिक्षित करने में जुटे हुए हैं। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से अभिभावकों में गहरा रोष व्याप्त है।
सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या में बढ़ोतरी को प्रवेशोत्सव समेत तमाम कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं पर स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थी गुरुजनों के इंतजार में हैं। विद्यालयों में समुचित शिक्षकों की तैनाती न होने से अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में स्थित तमाम विद्यालय कुछ ऐसी ही हकीकत बयां कर रहे हैं। नैनीचैक गांव में स्थित जूनियर हाईस्कूल में अध्ययनरत 45 नौनिहाल शिक्षा विभाग की उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं। विद्यालय में महज दो शिक्षकों की तैनाती के बावजूद आज दिन एक शिक्षक को व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए भेज दिया जा रहा है ऐसे में नैनीचैक विद्यालय में अध्ययनरत 45 बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी महज एक शिक्षक के भरोसे रह जा रही है। सरकारी स्कूलों की बिगड़ती स्थिति के बावजूद बेहतर छात्र संख्या होने के बावजूद शिक्षा विभाग की उपेक्षा से अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। गोपाल सिंह जैडा ने आरोप लगाया की शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ पर आमादा हो चुके हैं। 45 बच्चों को महज एक शिक्षक के भरोसे छोड़ने पर चिंता जताई। भीम सिंह, देवेंद्र सिंह, दीपक सिंह, दिलिप सिंह बोहरा आदि ने भी बिगड़ते हालतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। विद्यालय में समुचित शिक्षकों की तैनाती करने व व्यवस्था का खेल बंद करने पर जोर दिया है। उपशिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर ही व्यवस्था पर शिक्षक भेजे जाते हैं। शिक्षकों की नई तैनाती होने पर समुचित शिक्षकों को विद्यालयों में भेजा जाएगा।
