🔳 जिलाधिकारी व विधायक को पत्र भेज दुकान बर्दाश्त न करने का किया ऐलान
🔳 मनमानी पर भुजान बाजार में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
🔳 पूर्व में निरस्त दुकान को भुजान में खोलने की तैयारी को बताया निंदनीय
🔳 क्षेत्र का माहौल बिगड़ने व स्कूली बच्चों के नशे में दलदल में फंसने का जताया अंदेशा
🔳 दुकान संचालक ने किया पलटवार – विरोध को दिया गलत करार
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे पर भुजान क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने की तैयारी से महिलाओं का पारा सातवें आसपास पर पहुंचने के बाद अब तमाम गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भी मोर्चा खोल दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी व विधायक को पत्र भेज दुकान का विरोध किया है। दो टूक कहा है कि दुकान खोली गई तो अनिश्चितकालीन धरना कर दिया जाएगा।
स्टेट हाईवे पर भुजान क्षेत्र में शराब की दुकान का विरोध जोर पकड़ गया है। बोहरा गांव व बचौडी गांव की महिलाओं के विरोध के ऐलान के बाद अब आसपास के तमाम गांवों के ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा ग्रामीण भी खिलाफत में उतर आए है पंचायत प्रतिनिधियों ने भुजान क्षेत्र में शराब की दुकान से माहौल बिगड़ने तथा स्कूली बच्चों पर गलत असर पड़ने का अंदेशा जताया है। पूर्व में पातली क्षेत्र में शराब की दुकान को जिलाधिकारी के निरस्त करने के आदेश के बाद अब भुजान क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने की तैयारी को निंदनीय करार दिया है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह व विधायक डा. प्रमोद नैनवाल को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भेजकर दुकान हटाए जाने की मांग उठाई है। चेताया है कि यदि मनमानी की गई तो भुजान क्षेत्र में ही धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया जाएगा। ज्ञापन में ग्राम प्रधान तिपोला विक्रम सिंह माहरा, प्रधान चापड आशा देवी, प्रधान मुसोली सुमन, प्रधान विशालकोट नीमा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल सिंह बिष्ट, प्रधान टूनाकोट नवीन मेहरा, प्रधान अर्जुन, गणेश जोशी, गोपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, मोहित, किसन सिंह, श्याम सिंह, पान सिंह समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
संचालक ने विरोध को दिया गलत करार
भुजान बाजार में शराब की दुकान के विरोध को दुकान संचालक कुबेर सिंह ने गलत करार दिया है। कुबेर सिंह ने राजस्व उपनिरीक्षक के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेज कहा है कि भुजान क्षेत्र में दो वर्ष से अंग्रेजी शराब की दुकान संचालित है जिसका कोई विरोध नहीं हुआ है। देशी शराब की दुकान का विरोध होने से सरकार को राजस्व का नुक़सान हो रहा है। अंदेशा जताया कि कुछ शराब तस्करों व उनके साथ मिलकर शराब तस्करी करने वाले लोग साजिश के तहत विरोध करवाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई पर जोर दिया है।
