🔳 एनएसएस स्वयंसेवियों ने जल संरक्षण पर ग्रामीणों को किया जागरुक
🔳 सकारात्मक आदतें अपनाकर तनाव को दूर करने का भी किया गया आह्वान
🔳 ब्लॉक मुख्यालय बेतालघाट से सटे गांव में एनएसएस का सात दिवसीय शिविर जारी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
शहीद खेमचंद्र डोर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन एनएसएस स्वयंसेवियों ने आसपास के गांवों के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरुक किया। गांवों के लोगों से पानी की बूंद बूंद बचाने का आह्वान किया। कहा कि यदि भविष्य को सुरक्षित करना है तो जल को बचाने की शुरुआत आज से ही करनी होगी।
शुक्रवार को शिविर के बौद्धिक सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने की। कहा कि मन रुपी मन्दिर की सफाई निरंतर होनी चाहिए तभी हम सकारात्मक ला सकते हैं। आध्यात्म के मार्ग पर सरलता व सहजता से चल सकते हैं। बौद्धिक सत्र की मुख्य वक्ता तारा पनेरु ने हार्टफूलनेस विषय पर व्याख्यान दिया। कहा कि हार्टफूलनेस हृदय से जीवन को यापन करने की शैली है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत व वैश्विक शांति है। उन्होंने महर्षि पतंजलि के अष्टांग योगों पर भी प्रकाश डाला । तनाव के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि तनाव हर व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है लेकिन हम सकारात्मक आदतों को अपनाकर इसे कम कर सकते हैं। यदि ध्यान, सफाई व प्रार्थना का अभ्यास निरंतर करते हैं तो जीवन में आने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना आसानी से किया जा सकता हैं। हार्टफूलनेस का उद्देश्य भौतिक जीवन को आध्यात्मिक प्रारुप में ढालना है। स्वयंसेवियों ने गांवों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को पानी बचाने का संकल्प दिलाया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी ममता पांडे, डा. निर्मला, प्रेमा देवी, हिमानी बिष्ट , छाया पंत, बबीता करगेती, निकिता बधानी, मानसी, ममता बोहरा, पूजा जोशी आदि मौजूद रहे।
