🔳 फल उत्पादक किसानों के बाग़बान भी हुए खुश
🔳 चार महीने से बारिश न होने से मायूस हो चुके थे किसान
🔳 मटर की बची उपज को भी मिलेगा लाभ
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बर्फबारी व बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है। कोसी घाटी के फल व सब्जी उत्पादक किसान बर्फबारी व चार महीनों के लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश से बेहद खुश हैं। किसानों के अनुसार आड़ू, पुलम, खुमानी, सेब के लिए बर्फबारी वरदान से कम नही वहीं सब्जियों व दहलहनी उपज को भी बारिश से राहत मिली है वहीं मटर की शेष बची पचास फिसदी फसल को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से बारिश न होने से मायूस किसानों के लिए शुक्रवार को हुई बारिश राहत का अहसास करा गई। बारिश से सूखे की मार झेल रहे खेतों को संजीवनी मिल गई है। गेहूं के साथ ही गोभी, अदरक, लहसुन के उपज के लिए भी भारी फायदेमंद साबित हुई है। बेतालघाट व रामगढ़ ब्लॉक की सीमा पर स्थित हरतोला, धारी, उल्गौर, रुपसिंह धूरा, ताड़ीखेत समेत आसपास के फल उत्पादक पट्टी में हुई बर्फबारी से फलों का उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। उल्गौर गांव के बागबान पितांबर भट्ट के अनुसार बर्फबारी से काफि राहत मिली है वहीं आड़ू के बगीचे में बोई गई मसूर की पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद जग गई है। वहीं टूनाकोट गांव के बहुउद्देशीय किसान सुनील मेहरा के अनुसार मटर की पचास फिसदी उपज के साथ ही विभिन्न सब्जियों की खेती को भी बारिश से फायदा मिलेगा।
