🔳 ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खेतों ने ओढ़ी सफेद चादर
🔳 लंबे समय से सूखे खेतों को मिली संजीवनी
🔳 हरतोला व भतरौज रिची क्षेत्र में जमकर बर्फबारी
🔳 देर शाम तक बर्फबारी होने से सैलानियों ने उठाया लुत्फ
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

चार महीने बाद हुई बारिश से आखिरकार सूखे की मार झेल रहे कोसी घाटी के किसानों को राहत मिल ही गई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से आड़ू, पूलम, खुमानी व सेब उत्पादन पट्टी के बागबानों को संजीवनी मिली। हरतोला क्षेत्र में पर्यटकों ने भी बर्फबारी का खूब लुत्फ उठाया।
शुक्रवार को मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। बारिश व बर्फबारी से जहां पारा लुढ़क गया वहीं किसानों को राहत मिल गई। लगभग चार महीने से इंद्रदेव के मुंह मोड़ देने से सब्जी व फल उत्पादक पट्टी के किसान मायूस थे। सूखे खेतों की हालत देख किसानों के माथे पर चिंता की लकिरे गहरा गई थी। शुक्रवार को आखिरकार इंद्रदेव मेहरबान हो ही गए। बारिश से सब्जी उत्पादक पट्टी के लिए वरदान माना जा रहा है किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं वहीं हरतोला, उल्गौर, धारी आदि क्षेत्रों आड़ू, पूलम खुमानी व सेब उत्पादक पट्टी में हुई बर्फबारी से फल उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद जग गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देर शाम तक बर्फबारी का दौरा जारी रहा। पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों ने बसंत पंचमी पर हुई बर्फबारी का खूब आनंद उठाया।