🔳 गढ़वाल भवन के अलकनंदा सदन में होगा पुस्तक का लोकार्पण
🔳 कुमाऊंनी भाषा साहित्य व सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में होगा कार्यक्रम
🔳 देशभर से कुमाऊंनी साहित्य, संस्कृति व कला से जुड़े लोग करेंगे प्रतिभाग
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

कुमाऊनी भाषा साहित्य व सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन के अलकनंदा हाॅल में कुमाऊंनी भाषा संगोष्ठी व कवि सम्मेलन की तैयारी शुरु हो गई है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेतालघाट निवासी सुरेंद्र हाल्सी के अनुसार कुमाऊंनी भाषा सीखने के लिए तैयार की गई प्रवेशिका तुतुरी का भी लोकार्पण किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कुमाऊं के लोगों से भी कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की है।
कुमाऊंनी भाषा को समझने व बोलने तथा सिखने के लिए तुतुरी प्रवेशिका मददगार साबित हो सकेगी। कुमाऊनी भाषा को पुष्पित व पल्लवित करने के कार्य में जुटी कुमाऊंनी भाषा साहित्य व संस्कृति समिति के तत्वावधान में आगामी एक फरवरी को दिल्ली के गढ़वाल भवन स्थित अलकनंदा सदन में होने वाले कार्यक्रम में कुमाऊंनी भाषा व संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के कार्य में जुटे गणमान्य लोगों की मौजूदगी में तुतुरी प्रवेशिका का लोकार्पण किया जाएगा। समिति सदस्यों ने बताया की प्रवेशिका को मेहनत से तैयार किया गया है। यह निश्चित ही कुमाऊंनी भाषा सिखने वाले लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में कुमाऊंनी संगोष्ठी व कवि सम्मेलन भी होगा। कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां शुरु कर दी गई है। तुतुरी प्रवेशिका के जरिए लोगों को कुमाऊंनी भाषा के साथ ही प्रदेश की संस्कृति से भी रुबरु कराया जाएगा। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेतालघाट निवासी सुरेंद्र हाल्सी के अनुसार समिति नए लेखकों व रचनाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाने के कार्य में जुटी हुई है। कार्यक्रम में कुमाऊंनी साहित्य, संस्कृति व कला के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों की मौजूदगी रहेगी। सुरेन्द्र ने कुमाऊंनी भाषा प्रेमियों, साहित्यकारों व जागरुक नागरिकों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है।