🔳 रखवाले ही अनदेखी पर हो चुके आमादा
🔳 रखवाली को बैठी माइनिंग कंपनी खुद ही नहीं कर पा रही नियमों का पालन
🔳 लंबा समय बीतने के बावजूद नहीं लगा सके तौल कांटा
🔳 उपजिलाधिकारी ने किया जांच का दावा
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
खनन निदेशालय के साथ हुए करार के बाद खनन की निगरानी को तैनात माइनिंग टीम ही नियमों के पालन में नाकाम साबित हो रही है। उपखनिज से लदे डंपरों की जांच को अब तक तौल कांटा न लगने से कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका के अनुसार मामले की जांच करवाई जाएगी। नियमों का उल्लघंन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपखनिज चोरी व अवैध खनन पर रोक लगाने को खनन निदेशालय ने कैलाश बेड मिनरल्स कंपनी के साथ करार किया है। करार के अनुसार बेतालघाट अमेल रोड पर कंपनी ने चैक पोस्ट स्थापित किया है वहीं कंपनी का सचल दल लेहड़ा क्षेत्र में तैनात हैं पर कंपनी ही नियमों के उल्लघंन पर आमादा हो चुकी है। दो वर्ष से भी अधिक का समय बीतने के बावजूद अब तक कंपनी उपखनिज तौलने को तौल कांटा तक स्थापित नहीं कर सकी है। यही हाल भुजान क्षेत्र में भी है। ऐसे में सरकार के नियम लेहड़ा क्षेत्र में कोसी नदी पर संचालित उपखनिज पट्टे में दफन होते जा रहे हैं। तौल कांटा न लगने से डंपरों में लदे उपखनिज को रायल्टी से कैसे मापा जा रहा है यह बड़ा सवाल है। पूर्व में हल्सों क्षेत्र में लगे बहुउद्देशीय शिविर में भी तमाम गांवों के लोग कैलाश बैड मिनरल्स कंपनी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। उपजिलाधिकारी कैंची धाम मोनिका के अनुसार नियमों का उल्लघंन कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले की जांच करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
