🔳 मवेशियों के शिकार के बाद अब आबादी तक हो चुकी थी घुसपैठ
🔳 स्कूली बच्चों पर भी बढ़ चुका था खतरा
🔳 सिमराड गांव के बिरधार तोक में लगे पिंजरे में फंसा
🔳 वन विभाग रेस्क्यू सेंटर लेकर हुआ रवाना
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
रामगढ़ ब्लॉक के सिमराड गांव में दहशत का पर्याय बन चुके गुलदार के वन विभाग के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों में ही गुलदार ने एक के बाद एक मवेशियों का शिकार कर डाला। ग्राम प्रधान की मांग पर वन विभाग ने आबादी के नजदीक पिंजरा स्थापित कर गुलदार को कैद कर लिया। फिलहाल गुलदार को रेस्क्यू सेंटर रानीबाग ले जाया गया है।
रामगढ़ ब्लॉक के सिमराड ग्राम पंचायत के बिरधार तोक में पिछले दिनों गुलदार की घुसपैठ तेज होने तथा मवेशियों का शिकार किए जाने पर ग्राम प्रधान भारतेन्दु पाठक ने वन विभाग को से खतरा टालने की गुहार लगाई। बताया की गुलदार की आवाजाही तेज होने से स्कूली बच्चों पर भी खतरा बढ़ गया है। हरकत में आए वन विभाग ने ट्रैप कैमरे की मदद से गुलदार की गतिविधि चिह्नित की तथा गांव के समीप ही खेतों में पिंजरा स्थापित किया। मंगलवार मध्य रात्रि शिकार की तलाश में निकला गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। सुबह गुलदार के दहाड़ने की आवाज सुन ग्राम प्रधान व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पिंजरे में आक्रोशित गुलदार को देख ग्रामीण सख्ते में आ गए। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट मय टीम मौके पर पहुंचे। गुलदार को रेस्क्यू सेंटर रानीबाग ले जाया गया है। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार गुलदार नर वयस्क है। आंतक का पर्याय बने गुलदार के पिंजरे में कैद होने से गांव के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज दानी, फारेस्टर ब्रजेश विश्वकर्मा, गजेंद्र कुमार, मदन राम, दीपक गुणवंत आदि मौजूद रहे।
