🔳 नदी से संचालित पेयजल व सिंचाई योजनाओं पर भी संकट
🔳 साढ़े तीन महीने से अधिक समय से बारिश न होने से बिगड़ते जा रहे हालात
🔳 सर्दियों में दोनों नदियों की गर्मियों जैसी स्थिति
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
लंबे समय से बारिश न होने से जीवनदायिनी कोसी व उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी का जलस्तर भी कम हो गया है। लगातार घट रहे जल स्तर के कारण की स्थानों पर नदी महज नहर सी दिखाई देने लगी है। जल स्तर घटने से नदी से बनी सिंचाई व पेयजल योजनाओं पर भी संकट गहराने का अंदेशा बना हुआ है।
लंबे समय से बारिश न होने से जहां एक ओर पर्वतीय क्षेत्रों में खेतीबाड़ी पर संकट गहरा गया है। अक्टूबर में होने वाली गेहूं की बुआई बारिश न होने से अब तक तमाम गांवों में गेहूं की बुआई नहीं हो सकी है। वहीं अब कोसी व शिप्रा नदी का जलस्तर भी कम होने से नदियों से संचालित सिंचाई व पेयजल योजनाओं पर संकट गहराने का अंदेशा बढ़ गया है। दोनों नदियों की वर्तमान स्थिति अमूमन गर्मियों में देखने को मिलती है। इस वर्ष पिछले तीन महीने से भी अधिक समय से बारिश न होने से नदियों का जलस्तर लगातार घटता ही जा रहा है। लगातार नदियों का घटना जलस्तर चिंता का विषय बनता जा रहा है। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित लोहाली, चमड़ियां, खैरना, काकडीघाट, रातीघाट, पाडली आदि क्षेत्रों के क्षेत्रवासियों के अनुसार पहली बार इस वर्ष नदियों की यह स्थिति देखने को मिली है यदि समय रहते बारिश नहीं हुई तो हालत बिगड़ सकते हैं।
