🔳 खदान को पहुंचे श्रमिक खुले में शौच कर नदी को कर रहे प्रदूषित
🔳 नदी को प्रदूषित किए जाने से क्षेत्रवासियों में रोष
🔳 खनन सत्र की शुरुआत में ही उड़ने लगी नियमों की धज्जियां
🔳 जिम्मेदारों की अनदेखी से खड़े हो रहे गंभीर सवाल
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]

उपखनिज पट्टे में खनन शुरु होने के साथ धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ने लगी है। बेतालघाट से सटे लेहड़ा क्षेत्र में उपखनिज पट्टे पर खदान का पहुंचे श्रमिक कोसी नदी क्षेत्र में खुले में शौच कर नदी को प्रदूषित करने में जुट गए हैं बावजूद खनन विभाग अनदेखी पर आमादा है। नियमानुसार नदी क्षेत्र में अस्थाई शौचालय का निर्माण किया जाना है पर पट्टा संचालक कोई उपाय न कर प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है।
बेतालघाट में खनन सत्र शुरु हो चुका है‌। बाहरी क्षेत्र से दर्जनों श्रमिक बेतालघाट पहुंचने लगी है‌। नदी क्षेत्र में श्रमिक तंबू लगाकर रहने का प्रबंध कर लिया है। ब्लॉक मुख्यालय से सटे लेहड़ा क्षेत्र में खनन की शुरुआत के साथ ही खनन विभाग के नियमों की अनदेखी भी शुरु हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आधी अधूरी तैयारी के साथ खनन शुरु होने से तमाम गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। श्रमिकों के शौच लिए नदी में अस्थाई शौचालय निर्माण का प्रावधान है पर यहां श्रमिक धड़ल्ले से जीवनदायिनी कोसी नदी में शौच कर नदी को प्रदूषित करने में जुटे हुए हैं। स्थानीय हीरा सिंह के अनुसार श्रमिकों के ठेकेदार को नदी को प्रदूषित न करने को भी कहा जा चुका है बावजूद श्रमिक मनमानी पर आमादा है। बाहरी क्षेत्रों से आकर पवित्र नदी को प्रदूषित किए जाने पर गहरा रोष भी जताया है। ग्राम प्रधान प्रताप कुमार ने भी नियमों का पालन करने पर नाराजगी जताई है। खनन विभाग व प्रशासन से नियमानुसार कार्य करवाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने नदी को गंदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया है। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका के अनुसार नियमों का उल्लघंन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द टीम भेजी जाएगी। कोसी नदी क्षेत्र में गंदगी फैलाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।